उदयपुर की रीना साहू करीब 13 सालों से ​गणपति बप्पा के प्रति अटूट आस्था और निस्वार्थ भक्ति की एक अनोखी मिसाल पेश कर रही हैं। जहां बड़े-बड़े आयोजनों के लिए लाखों-करोड़ों रुपए चंदे और आपसी सहयोग से जुटाए जाते हैं, वहीं रीना किसी से 1 रुपए का चंदा लिए बिना केवल अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर पूरे गणेश महोत्सव का खर्च उठाती हैं। रीना सिलाई का काम करती हैं और दाल-पूड़ी का स्टॉल लगाती हैं। इसी कमाई से वह लगातार 13 सालों से गणेशोत्सव का आयोजन करती आ रही हैं। मिट्टी के गणेश और रिद्धि सिद्धि है बिराजित ​शुरुआत में छोटे स्तर पर की जाने वाली यह स्थापना बीते 5 सालों में बड़ा रूप ले चुकी है। अपनी कमाई से बचाए गए 1 रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक का खर्च वह इस आयोजन में खुशी-खुशी खर्च करती हैं। इस साल भी उन्होंने अपने निवास पर भगवान गणेश के साथ माता दुर्गा की मिट्टी की मूर्ति स्थापित की है, जिसकी लागत लगभग 51 हजार रुपए है। 24 सितंबर को भजन संध्या ​गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए शहर भर के भव्य पंडालों और अलौकिक श्रृंगार के बीच रीना का यह प्रयास आस्था का एक अलग ही रूप पेश करता है। पूरे 10 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में पूजा, प्रसादी से लेकर व्यवस्थाओं तक का हर खर्च वह स्वयं संभालती हैं। इसी आयोजन के तहत वह 24 सितंबर को कृष्णपुरा में एक भव्य भजन संध्या भी आयोजित करने जा रही हैं, जिसका पूरा खर्चा रीना स्वयं उठाएंगी। रीना पाई-पाई जोड़कर गणेशोत्सव के आयोजन में खुशी-खुशी सारा खर्चा करती हैं।