'विकसित भारत-जन सेवा अभियान' के तहत महिला एवं बाल विकास और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर जिले के सभी 1071 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम आयोजित किया। 27 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के पहले दिन 900 से ज्यादा आयोजनों में 80 हजार से अधिक महिला-पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों पर रंगोली, लाभार्थी संवाद, गोदभराई और अन्नप्राशन जैसी गतिविधियां हुईं। ग्रामीणों को पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। पात्र लोगों का मौके पर ही पंजीकरण भी किया गया। 417 केंद्रों पर गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम हुए। गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार और नियमित जांच के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों के उचित पोषण और बाल विकास का महत्व भी बताया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत पात्र परिवारों का विशेष पंजीकरण किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों के योगदान को भी सम्मानित किया गया। स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया और औषधीय पौधे दिए। प्रधानमंत्री के संदेश वाले फोटो फ्रेम और प्लांटर भी बांटे गए। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम 27 सितंबर तक जिले के सभी 1071 आंगनबाड़ी केंद्रों पर जारी रहेगा। अभियान के दौरान पात्र परिवारों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं से जोड़ने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आशा सहयोगिनियों के सेवाभाव को सम्मान देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।