फ्रांस के थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीत लिया है। गिकेल-डेलफिन की जोड़ी इस चैंपियनशिप का गोल्ड जीतने वाली फ्रांस की पहली जोड़ी है। इस 5वीं सीड जोड़ी ने रविवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टॉप सीड फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग की जोड़ी को 22-20, 19-21, 21-15 से हराया। यह मैच एक घंटे 18 मिनट तक चला। फ्रांस के एलेक्स लानियर ने जापान के कोडाई नाराओका को हराकर मेंस सिंगल्स का खिताब जीता। कोरिया की वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स का टाइटल दूसरी बार अपने नाम किया। डेलरू बोले- बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं BWF की वेबसाइट के मुताबिक, डेलरू ने कहा, ‘बहुत भावनाएं हैं। फ्रांस के लिए पहला गोल्ड जीतकर हम बहुत खुश और बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।' उन्होंने कहा- 'यह शानदार मैच था। दोनों जोड़ियों ने बहुत अच्छा खेला और हमें जीत के लिए काफी कोशिश करनी पड़ी। पहली बार पोडियम पर राष्ट्रगान सुनना शानदार है।’ साउथ कोरिया ने चीनी जोड़ी को हराया विमेंस डबल्स में साउथ कोरिया की बेक हा ना और ली सो ही ने चीन की टॉप सीड लियू शेंग शु और टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराया। चीन की जोड़ी ने सेमीफाइनल मुकाबले में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को हराया था। लानियर ने मेंस सिंगल्स में गोल्ड जीता फ्रांस के एलेक्स लानियर ने मेंस सिंगल्स ने इतिहास रचा है। वे मेंस सिंगल्स का वर्ल्ड टाइटल जीतने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बने। उन्होंने फाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को 21-11, 21-11 से 50 मिनट में हराया। विमेंस सिंगल्स फाइनल में यामागुची हारीं विमेंस सिंगल्स के फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन जापान की अकाने यामागुची हार गई हैं। उन्हें साउथ कोरिया की एन से यंग ने 21-17, 21-14 से हराया। यह मैच 49 मिनट चला। यामागुची ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-12, 21-17 से हराया था। चीन ने कम से कम एक खिताब जीतने का सिलसिला कायम चीन के 1983 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में शामिल होने के बाद से हर एडिशन में कम से कम एक खिताब जीतने का रिकॉर्ड दांव पर था। तीसरी वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग ने यह सिलसिला जारी रखा। दोनों ने मेंस डबल्स कैटेगरी के फाइनल में पूर्व चैंपियन मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से हराया। यह लियांग और वांग का पहला वर्ल्ड खिताब है। ------------------------------------------------- बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत की त्रिसा-गायत्री को ब्रॉन्ज,15 साल बाद विमेंस डबल्स में मेडल आया, गोपीचंद बोले- ‘मुझे दोनों पर गर्व’ भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल मिला। भारत को 15 साल बाद विमेंस डबल्स कैटेगरी में मेडल मिला है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने ब्रॉन्ज दिलाया था। इस पर भारतीय कोच गोपीचंद में कहा- ‘मुझे दोनों पर गर्व है।’ पढ़ें पूरी खबर