विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग ने जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं विरासत से परिचित कराने तथा युवाओं एवं विद्यार्थियों में पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म’ की थीम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। उप निदेशक मधुसूदन सिंह के निर्देशन में रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान कच्ची घोड़ी सहित विभिन्न लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। पर्यटकों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव एवं स्थानीय संस्कृति के संबंध में भी जानकारी दी गई। पुरानी शहर में हेरिटेज वॉक: पर्यटन विभाग एवं इंटेक के संयुक्त तत्वावधान में भैरू दरवाजा से पुरानी सवाई माधोपुर शहर के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों से गुजरते हुए गलता मंदिर तक हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। विद्यार्थियों की क्विज प्रतियोगिता: कई स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए रणथम्भौर टाइगर रिजर्व एवं राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कर विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी गई। धार्मिक पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता का दिया संदेश: पर्यटन को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए नेचर गाइड एसोसिएशन, ईडीसी गाइड एसोसिएशन, ट्रेवल एजेंसियों, होटलियर्स, पेइंग गेस्ट हाउस एवं होम-स्टे संचालकों/प्रबंधकों द्वारा गलता मंदिर परिसर में स्वच्छता गतिविधि में सहभागिता की गई। माय भारत युवा केन्द्र के स्वयंसेवकों ने भी पर्यटन स्थल पर स्वच्छता गतिविधियां की। स्वच्छता गतिविधियों में उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले स्वयंसेवकों को अतिथियों ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पर्यटक स्वागत केन्द्र के उप निदेशक मधुसूदन सिंह, इंटेक कन्वीनर पदम खत्री, विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, छात्र-छात्राएं, माय भारत युवा केन्द्र के स्वयंसेवक, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।