चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय बैठक खत्म हो गई है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन दोस्त हैं और दोनों देशों के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के लिए मिलकर काम करना फायदेमंद है, जबकि टकराव से दोनों को नुकसान होगा। चीनी राष्ट्रपति ने कहा, अमेरिका चीन के बीच रेस हो, रेसलिंग नहीं। दोनों देशों की कोशिश एक-दूसरे से आगे निकलने की होनी चाहिए, न कि ऐसी लड़ाई की जिसमें एक की जीत और दूसरे की हार हो। बैठक के बाद ट्रम्प ने इसे ‘बहुत अच्छी बैठक’ बताया, हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। जिनपिंग का अमेरिका दौरा, 5 तस्वीरें… कोर्ट के आदेश के बाद पत्रकारों को व्हाइट हाउस में एंट्री मिली CNN, पॉलिटिको और MS NOW के पत्रकारों को करीब 12 बजे (अमेरिकी समय के मुताबिक) व्हाइट हाउस में दोबारा एंट्री मिल गई। इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें अंदर जाने से रोक दिया था। कोर्ट ने 23 सितंबर की रात करीब 1 बजे आदेश देकर इन पत्रकारों को व्हाइट हाउस में एंट्री देने को कहा था। इसके बावजूद 24 सितंबर की सुबह पत्रकारों को रोका गया। फिर तीनों मीडिया संस्थान कोर्ट पहुंचे और तुरंत सुनवाई की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन से दोपहर 12:30 बजे तक जवाब मांगा था। इस विवाद के कारण व्हाइट हाउस में ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात का पत्रकारों ने बायकॉट कर दिया था। अमेरिकी टीवी चैनलों पर इसका लाइव वीडियो नहीं दिखाया गया। आखिरकार दोपहर में उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिल गई। ट्रम्प प्रोटोकॉल तोड़कर जिनपिंग को रिसीव करने एयरपोर्ट गए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार सुबह अमेरिका पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प प्रोटोकॉल तोड़कर खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट गए और उनका स्वागत किया। ट्रम्प के साथ फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प भी मौजूद थीं। जिनपिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी अमेरिका पहुंची हैं। जिनपिंग-ट्रम्प मुलाकात के 4 बड़े मायने… 1. जिनपिंग 11 साल बाद व्हाइट हाउस लौटे: तब और अब में क्या बदला? जिनपिंग आखिरी बार 2015 में बराक ओबामा के समय व्हाइट हाउस गए थे। तब दोनों देशों के बीच व्यापार, जलवायु और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग की बात होती थी। आज रिश्ते काफी बदल चुके हैं। अब दोनों देशों के बीच AI, चिप, दुर्लभ खनिज, सैन्य ताकत और ताइवान को लेकर बढ़े तनाव पर चर्चा हो रही। 2. रेड कार्पेट पर दोस्ती, अंदरखाने बड़े सौदे ट्रम्प ने जिनपिंग के साथ अपने रिश्ते को शानदार दोस्ती बताया है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई बड़े विवाद अभी भी मौजूद हैं। सबसे बड़ा मुद्दा टैरिफ और व्यापार है। इसके अलावा दुर्लभ खनिज, अमेरिकी चिप और चीन की तकनीक, कृषि सामान और बाजार तक पहुंच भी बातचीत का हिस्सा हैं। टैरिफ बढ़ाने पर लगी रोक 10 जनवरी 2027 तक बढ़ी है, इसलिए फिलहाल ट्रेड वॉर का खतरा टला है। लेकिन स्थायी व्यापार समझौता अभी बाकी है। 3. AI पर अमेरिका-चीन साथ आए तो दुनिया में क्या असर होगा? अमेरिका और चीन AI की होड़ में आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका चीन को एडवांस AI चिप और तकनीक देने पर रोक लगाता रहा है, जबकि चीन इन पाबंदियों का विरोध करता है। जिनपिंग का कहना है कि AI का कंट्रोल इंसानों के हाथ में रहना चाहिए। अगर दोनों देश AI सुरक्षा पर साथ आते हैं, तो इसका असर पूरी दुनिया में AI के नियमों पर पड़ सकता है। 4. ताइवान और ईरान: 2 मुद्दों पर मतभेद खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…