जिले में एमडी ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क लगातार फैल रहा है। पुलिस व डीएसटी की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गत डेढ़ माह में डीएसटी व पुलिस ने एमडी ड्रग्स की आधा दर्जन से अधिक बड़ी कार्रवाइयों में 2.5 किलो से ज्यादा मेफेड्रोन बरामद की है। इन कार्रवाइयों में 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। नशे के कारोबार में युवाओं की संलिप्तता सामने आ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एमडी ड्रग्स की पहुंच बढ़ने के बीच तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। पुलिस स्थानीय स्तर पर ड्रग्स बेचने वालों को पकड़ रही है, लेकिन बाहर से खेप पहुंचाने वाले तस्करों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। { 23 अगस्त : डीएसटी व पचपदरा पुलिस ने नाकाबंदी तोड़कर भाग रही कार की तलाशी ली। 53.50 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। { 27 अगस्त : पाटोदी सरहद में मुंबई व बालोतरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनके कब्जे से 2 किलो एमडी बरामद की गई। { 25 सितंबर : डीएसटी व डीसीआरबी टीम ने रामजी का गोल क्षेत्र में फॉर्च्यूनर सहित चार लग्जरी कारें व 30 किलो डोडा-पोस्त जब्त किया। बरामद वाहनों में चोरी के वाहन भी शामिल थे। { 26 सितंबर : जालोर एएनटीएफ टीम ने धोरीमन्ना सरहद में कार्रवाई कर 229 ग्राम एमडीएमए के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। { सितंबर : शहर पुलिस ने रतन विहार कॉलोनी के पास एक संदिग्ध युवक से 27.54 ग्राम अवैध एमडी बरामद की { 27 सितंबर : बालोतरा के नूरानी मोहल्ले में रहवासी मकान पर दबिश देकर 176.19 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। लगातार हो रही बरामदगी के बावजूद जिले में ड्रग्स की आपूर्ति का सिलसिला जारी रहना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। स्थानीय स्तर पर नशे की बिक्री करने वाले आरोपी पकड़ में आ रहे हैं, लेकिन उन्हें ड्रग्स उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर व पूरे नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना जरूरी है। खास बात यह है कि अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। नशे के कारोबार में कम उम्र के युवाओं की गिरफ्तारी के साथ ग्रामीण इलाकों में भी एमडी ड्रग्स की उपलब्धता से युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। जिले में एमडी ड्रग्स की आपूर्ति बाहरी क्षेत्रों से हो रही है। जोधपुर व गुजरात से तस्करी के जरिए ड्रग्स सीमावर्ती जिलों में सप्लाई की जा रही है। वहीं, तस्करी में लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। चार दिन पहले गुड़ामालानी-धोरीमन्न ा सरहद पर डीएसटी की कार्रवाई में फर्जी नंबर प्लेट लगी चार लग्जरी कारें बरामद हुई थी, जो सभी चोरी के वाहन थे। इससे तस्करी के साथ वाहन चोरी के नेटवर्क भी सक्रिय है, जो महाराष्ट्र, पुणे सहित बाहरी राज्यों से लग्जरी वाहनों की चाोरी कर तस्करों तक पहुंचा रहे हैं।