टोंक में रविवार को प्रसव पीड़ा से परेशान प्रसूता को अस्पताल ले जा रही 108 एंबुलेंस को रास्ते में रोककर सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। 108 एंबुलेंस के पायलट और ईएमटी ने सूझबूझ दिखाते हुए रोड किनारे एंबुलेंस खड़ी की और प्रसूता का प्रसव कराया। इसके बाद प्रसूता के परिजनों और एंबुलेंस कर्मियों ने राहत की सांस ली। एहतियात के तौर पर जच्चा-बच्चा दोनों को जिला मुख्यालय के सरकारी जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। मां और बेटा दोनों सुरक्षित हैं। झिलाई से टोंक रेफर किया था जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर जिले की बोली तहसील क्षेत्र के राठोद निवासी सीमा देवी (30) पत्नी गुड्डू कीर को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उन्हें समीपवर्ती टोंक जिले के झिलाई स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती किया गया। बाद में चिकित्सकों ने उन्हें टोंक रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। 108 एंबुलेंस के जिला अधिकारी राजकुमार सिंह चौहान के माध्यम से 108 स्टाफ ईएमटी अखिलेश कुमार पोर्टर और पायलट रामसहाय गुर्जर को इसकी जानकारी दी गई। रास्ते में तेज हुई प्रसव पीड़ा रविवार दोपहर करीब 1 बजे 108 स्टाफ ईएमटी अखिलेश कुमार पोर्टर एवं पायलट रामसहाय गुर्जर एंबुलेंस लेकर झिलाई पहुंचे। वहां से प्रसव पीड़ा से परेशान सीमा देवी को एंबुलेंस में शिफ्ट करवाकर परिजनों के साथ टोंक के जनाना अस्पताल के लिए रवाना हुए। रास्ते में दोपहर करीब 1.15 बजे प्रसूता की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए 108 स्टाफ ने सदर थाना क्षेत्र के चित्रकूट बालाजी के पास एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा किया। एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराया ईएमटी अखिलेश कुमार पोर्टर एवं पायलट रामसहाय गुर्जर ने अपनी सूझबूझ से एंबुलेंस में ही प्रसूता का सुरक्षित नॉर्मल प्रसव कराया। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को जिला मुख्यालय स्थित सरकारी जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में मां और बेटा दोनों सुरक्षित और स्वस्थ बताए गए हैं। प्रसव के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और एंबुलेंस कर्मियों की सूझबूझ की सराहना की।