प्रदेश में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के जल जीवन मिशन (जेजेएम) में जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने बिना जांच के ठेकेदारों को 122.311 करोड़ का पेमेंट कर दिया। कैग की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में जेजेएम में हुई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में सामने आया है कि 26 क्षेत्रीय प्रोजेक्ट में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी किए बिना ही दिसंबर 2024 तक ठेकेदारों को मनमर्जी से भुगतान कर दिया। इतना ही नहीं ऑडिट में फर्जी बिलों के आधार पर 7.70 करोड़ के अनियमित भुगतान का भी खुलासा हुआ है। कैग ने विभागीय निगरानी और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कैग के अनुसार इन कुछ घटनाक्रमों से पूरी टेंडर प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ खर्च: जल जीवन मिशन की राशि के इस्तेमाल को लेकर भी कैग ने कड़ी आपत्ति जताई है। ऑडिट में सामने आया कि वर्ष 2022-23 के दौरान अलग-अलग जलापूर्ति परियोजनाओं के शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ खर्च किए गए। जेजेएम की गाइडलाइन में प्रोजेक्ट फंड का इस्तेमाल इस तरह के प्रचार-प्रसार और सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के बाहर नहीं किया जा सकता था।