ग्राम पंचायत चारभुजा के जागाजी नाथूवास, मंडी रोड स्थित भील बस्ती सहित अन्य समाजों के करीब 40 घरों की आबादी वाले इलाके में 170 मतदाता मूलभूत सुविधाओं के बिना रह रहे हैं। बस्ती में पेयजल लाइन नहीं बिछी है। लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। रात में अंधेरा रहता है। जंगली जानवरों का डर बना रहता है। चोरी की आशंका भी रहती है। बस्ती के रास्ते जर्जर हालत में हैं। पेयजल संकट की स्थिति यह है कि एक समाजसेवी ने अपने निजी कुएं में मोटर लगाई। घर के बाहर पानी की टंकी रखी। नल की व्यवस्था की। इसी से बस्ती के करीब 40 परिवार पानी ले जाते हैं। इसके बाद भी जनप्रतिनिधि और प्रशासन ने स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। मोहल्लेवासियों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े वादे कर वोट मांगते हैं। जीत के बाद समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। कई सरपंच आए और चले गए। पानी, बिजली, सड़क की समस्या वर्षों से जस की तस है। चुनावी माहौल में अब बस्ती के मतदाता एकजुट हुए हैं। उनका कहना है कि इस बार वोट उसी को देंगे, जो उनकी बात गंभीरता से सुने। समाधान कराए। बस्तीवासियों ने कहा कि उन्हें वादे नहीं चाहिए। पेयजल के लिए टंकी और पाइपलाइन चाहिए। रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट चाहिए। आवागमन के लिए पक्की सड़क चाहिए।