पंचायतीराज चुनाव की आरक्षण लॉटरी निकलने के बीच जिले की ग्राम पंचायतों पर बिजली निगम का करीब 1 करोड़ 81 लाख रुपए बिजली बिल बकाया है। सितंबर का 100 प्रतिशत राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा करने के लिए निगम ने 30 सितंबर तक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत उपखंड कार्यालयों में कार्यरत सभी कनिष्ठ अभियंताओं के शनिवार और रविवार के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। अधिकारियों और जेई को क्षेत्र में रहकर बकायादारों से राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में निगम के 13 उपखंड हैं। पुरानी पंचायत समिति व्यवस्था के आधार पर आठ पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतें संबंधित उपखंड क्षेत्रों में आती हैं। निगम के अनुसार जिले की 206 ग्राम पंचायतों पर बिजली बिल बकाया है। निगम ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों सहित अन्य बकायादारों से भी राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। 30 सितंबर तक राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए अंतिम दिनों में वसूली अभियान तेज किया जा रहा है। राजसमंद पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों पर सबसे अधिक 52 लाख 4 हजार रुपए बकाया हैं। यह राशि राजनगर, कांकरोली और केलवा उपखंड क्षेत्र की पंचायतों से वसूली जानी है। देलवाड़ा पंचायत समिति पर 27 लाख 27 हजार रुपए बकाया हैं। आमेट की 20 ग्राम पंचायतों पर 22 लाख 72 हजार, रेलमगरा पर 18 लाख 1 हजार, देवगढ़ पर 12 लाख 98 हजार और कुंभलगढ़ पर 12 लाख 36 हजार रुपए बकाया हैं। भीम की ग्राम पंचायतों पर 7 लाख 38 हजार, खमनोर पर 5 लाख 80 हजार और नाथद्वारा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों पर 22 लाख 53 हजार रुपए बकाया हैं।