जयपुर की तासीर है, मुश्किल जितनी बड़ी होती है, नुकसान जितना बड़ा होता है, उससे भी ज्यादा ताकत से खड़ा होता है। चाहे बम धमाके हो या आग, शहर हर बार खड़ा हुआ है। इस बार आग ने दुकानें जली थी, लेकिन उम्मीदें नहीं। 17 सितंबर; सेठी कॉम्प्लेक्स की 18 दुकानें जलकर खाक 22 दिन पहले : मणिहारी कटला और सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग ने 18 दुकानों को चपेट में ले लिया। करीब 4 करोड़ रु. का माल, 1 करोड़ रु. का फर्नीचर व अन्य सामान खाक हो गया। सबसे बड़ा नुकसान साड़ी-फॉल होलसेल के कारोबारी का हुआ था। होजरी की दुकान में भी बड़ा नुकसान हुआ था, जबकि अन्य का लाखों का नुकसान हो गया था। 8 अक्टूबर; दिवाली की उम्मीद से फिर रोशन हो रहा कॉम्प्लेक्स आज की तस्वीर : वही बाजार, लेकिन मंजर बदलने लगा है। जली दुकानों से मलबा हट चुका है। 4 दिन बाद नवरात्रि और करीब एक माह बाद दीपावली है। व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहार कारोबार को फिर पटरी पर ला सकता है। मणिहारी कटला अध्यक्ष राहुल मेहंदी रत्ता और सेठी कॉम्प्लेक्स व्यापार मंडल सलाहकार राकेश गुप्ता का कहना है कि नुकसान बड़ा है, लेकिन व्यापारियों का हौसला उससे भी बड़ा है।