नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को मिले चुनाव चिह्न अब सिर्फ मतपत्र पर पहचान का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि प्रचार का नया तरीका भी बन गए हैं। वार्ड 80 की निर्दलीय प्रत्याशी रेखा चौधरी को चुनाव चिन्ह सेब मिला है। रेखा चौधरी प्रचार के दौरान लोगों को सेब देकर अपने चुनाव चिह्न से जोड़ रही हैं। वहीं, वार्ड 62 की निर्दलीय प्रत्याशी कुसुम लखपतानी को बांसुरी चुनाव चिह्न मिला है। वह भी प्रचार के दौरान लोगों को बांसुरी प्रतीक चिह्न के तौर पर दे रही हैं। नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए 40 तरह के चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं। प्रत्याशियों को आवंटित होने के बाद कई प्रत्याशी इन्हें ही प्रचार का माध्यम बना रहे हैं। प्रत्याशियों का प्रयास है कि मतदाता मतदान के समय उनके नाम के साथ चुनाव चिह्न को आसानी से पहचान सकें। निशान की पसंद में भी अलग गणित निर्दलीय प्रत्याशियों में अलमारी, चारपाई, सिलाई मशीन, बांसुरी, गुब्बारा और टेलीफोन जैसे चुनाव चिह्न लेने पर ज्यादा फोकस रहता है। हालांकि, अलमारी चुनाव चिह्न मिलने के बावजूद अभी तक किसी प्रत्याशी की ओर से प्रचार में अलमारी बांटने का मामला सामने नहीं आया है। इसकी वजह इसका आकार और इसे प्रचार सामग्री के तौर पर बांटना व्यावहारिक नहीं होना माना जा रहा है। वहीं, सेब, बांसुरी और गुब्बारे जैसे चिन्ह प्रत्याशियों के लिए प्रचार में आसानी से इस्तेमाल होने वाले विकल्प बन गए हैं। अब प्रत्याशी मतदाताओं के बीच अपना नाम और चुनाव चिह्न याद करवाने के लिए परंपरागत पोस्टर-पर्चों के साथ चुनाव चिह्न के प्रतीक भी बांट रहे हैं।