नदी क्षेत्र से बजरी के अवैध और अनियंत्रित परिवहन के कारण ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा और प्रशासनिक अनदेखी को लेकर रोष बढ़ता जा रहा है। भाटोली ग्राम पंचायत क्षेत्र में बनास नदी से लगातार निकल रहे भारी वाहनों की आवाजाही ने स्थानीय लोगों और स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भाटोली स्थित स्कूल के खेल मैदान के बीचों-बीच से रोजाना 40 से 50 बजरी से भरे डंपर गुजर रहे हैं। इनमें से कई वाहन क्षमता से अधिक ओवरलोड होते हैं। कई बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायत करने और विरोध जताने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खेल मैदान से वाहनों की आवाजाही बंद नहीं कराई गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल के खेल मैदान से दिन-रात डंपरों के गुजरने के कारण वहां धूल और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। खेल मैदान में बच्चों की मौजूदगी के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी स्थानीय स्तर पर इस परिवहन को रोकने का प्रयास किया जाता है, तो बजरी परिवहन से जुड़े लोग विरोध करने वाले ग्रामीणों को डराने और धमकाने की कोशिश करते हैं। इससे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया है। अवैध परिवहन पर रोक की मांग, आंदोलन की तैयारी : मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जिला एवं स्थानीय प्रशासन से तुरंत जांच करवाकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों ने खेल मैदान के रास्ते से बजरी परिवहन को पूरी तरह बंद कराने और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चालान और जब्ती की कार्रवाई करने की बात रखी है। यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो समस्त ग्रामीण एकजुट होकर प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करेंगे।