नगर परिषद सवाई माधोपुर के 60 वार्डों में बुधवार को मतदान खत्म होते ही भाजपा-कांग्रेस ने संभावित जिताऊ प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी। बुधवार रात जिला मुख्यालय से दोनों दलों के निकाय प्रभारियों की निगरानी में 2-2 बसों से प्रत्याशियों को बाहर ले जाया गया। हालांकि, मोबाइल बंद होने से प्रत्याशियों से संपर्क नहीं हो पाने से पुष्टि नहीं हो पाई, मगर राजनैतिक गलियारों में कयासों के साथ रवानगी वाली बसों की तस्वीरें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा की बाड़ाबंदी का पहला ठहराव कोटा-बूंदी में किए जाने को लेकर भाजपा ने दो भगवा रंग की स्लीपर बसों में महिला-पुरुष प्रत्याशियों को अलग-अलग सीट देकर कोटा रवाना किया। इसमें पार्टी के 50 और 6 निर्दलीय मिलाकर करीब 56 प्रत्याशियों को ले जाया गया। जबकि, कांग्रेस की बाड़ाबंदी नागौर के एक रिसोर्ट में होने की बातें सामने आईं। यहां कांग्रेस ने पूर्व विधायक दानिश अबरार के फार्म हाउस पर एकत्रीकरण के बाद दो बसों से करीब 45 संभावित जिताऊ उम्मीदवारों को नागौर के एक रिसोर्ट में ले जाया गया है। बाड़ाबंदी में महिला प्रत्याशियों के साथ एक परिजन को साथ रहने की छूट दी गई है। सियासी गणित यह कहता है कि 20 साल बाद सभापति का पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के रणनीतिकार व चुनाव प्रभारियों ने बोर्ड गठन की कवायद में यह सियासी दांवपेंच पूर्व की भांति आजमाया है। चार बसों की रवानगी की संभावना जताई गई है। बहरहाल, यह मोबाइल बंदी व बाड़ाबंदी की प्रक्रिया मतदान समाप्ति के बाद प्रत्याशियों के साथ बूथ एजेंटों के फीडबैक के बाद उठाया गया। फिर बुधवार आधी रात को ये बसें पार्षदों को लेकर 200-300 किमी दूर दूसरे शहरों के होटलों में गुप्त ठहराव के लिए पहुंची। इस बारे में जानकारी देने से दोनों ही दलों के नेता व जिताऊ प्रत्याशियों के परिजन भी बचते रहे। कई पार्टी पदाधिकारी भी निर्दलीयों को लेकर कैंप स्थल पहुंचे, हालांकि दो टुकडों में ठहराव और बाद में राजसमंद व पाली इलाकों के बड़े रिजॉर्ट व फार्म हाउस में स्थान बदलने की रणनीति अपनाए जाने के आसार भी हैं। दोनों ही दल रिजल्ट के बाद बाड़ाबंदी स्थल में बदलाव के साथ 22 सितंबर तक निगरानी में रहेंगे। चूंकि, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव 21 व 22 सितंबर को होना है। गौरतलब है कि सवाई माधोपुर के 60 वार्डों में भाजपा ने 59 और कांग्रेस ने 60 प्रत्याशी उतारे थे। ऐसे में भाजपा खेमे में 6 निर्दलीयों को जोड़कर 56 और कांग्रेस खेमे में 45 प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी को सभापति के सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।