भास्कर न्यूज| जैसलमेर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अत्यधिक निर्धन परिवारों के लिए संचालित अंत्योदय अन्न योजना का अनुचित लाभ उठाने वाले 66 परिवार जिला रसद विभाग की जांच के घेरे में आ गए हैं। विभागीय पड़ताल में इन परिवारों के राशन कार्ड अंत्योदय श्रेणी में दर्ज मिले हैं, लेकिन श्रेणी चयन से जुड़े अनिवार्य और वैध दस्तावेज रिकॉर्ड में नदारद हैं। सामने आया है कि इनमें से कई राशन कार्ड पहले बीपीएल और एपीएल श्रेणी में थे, जिन्हें बाद में मिलीभगत कर ई मित्र के जरिए अंत्योदय श्रेणी में बदल दिया गया। जिला रसद अधिकारी सवाईराम ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ऐसे सभी संदिग्ध राशन कार्डधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएसओ सवाईराम ने बताया कि सामान्य एनएफएसए के तहत प्रति यूनिट 5 किलो गेहूं प्रतिमाह मिलता है। जबकि अंत्योदय परिवार को प्रति राशन कार्ड 35 किलोग्राम गेहूं हर महीने दिया जाता है। इस बड़े अंतर का लाभ उठाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर श्रेणियां बदली गई। जिससे योजना के वास्तविक व जरूरतमंद पात्रों के हकों पर डाका पड़ रहा था। जांच केवल कार्डधारकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संदिग्ध श्रेणी परिवर्तन करने वाले ई मित्र संचालकों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। ई मित्र संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि बिना निर्धारित प्रमाण पत्रों के कोई भी आवेदन सबमिट न करें। जांच में श्रेणी बदलने में लिप्त पाए जाने वाले ई मित्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।