प्रदेश की 10 नगर निगमों में से 7 निगमों के लिए महापौर के लिए सियासी महाजोर शुरू हो गया है। बुधवार को इन सीटों पर महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिए गए। भाजपा सभी सातों में मेयर बनाने की जोड़तोड़ आगे बढ़ चुकी है। जबकि कांग्रेस के बहुमत वाले बीकानेर नगर निगम में पार्षदों में बगावत के सुर फूटने से पार्टी को झटका लगा है। अजमेर में भी कांग्रेस मजबूत है, लेकिन उसे अपनी पार्टी के पार्षदों के क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है। पार्टी इसी पर जोर लगा रही है कि किसी तरह क्रॉस वोटिंग रोकी जा सके। दूसरी ओर, उदयपुर व भीलवाड़ा में भाजपा का बहुमत होने से बोर्ड बनना तय ही है, लेकिन अलवर, पाली व भरतपुर में अल्पमत के बावजूद भाजपा आश्वस्त है कि वह बोर्ड बनाने जा रही है। कांग्रेस का पूरा फोकस बीकानेर के साथ अजमेर व पाली भी हैं। हालांकि दोनों ही दलों ने सातों सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े कर दिए हैं। जयपुर, जोधपुर व कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिकाओं में अभी महापौर व चेयरमैन के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। वहां कुछ बूथों पर बुधवार को ही पुनर्मतदान हुआ है। इनका परिणाम आने के बाद ही यहां के भी चुनावों की घोषणा की जाएगी। प्रदेश की 309 निकायों में से 305 निकायों के लिए बुधवार को नामांकन भरने के अंतिम दिन तक 872 प्रत्याशियों ने महापौर, सभापति व चेयरमैन पद के लिए 989 पर्चे भरे हैं। नगर निगमों की बात करें तो कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस ने एक से अधिक प्रत्याशियों को डमी कैंडिडेट के रूप में पर्चा दाखिल कराया है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 18 सितंबर को नाम वापस लिए जा सकेंगे। अजमेर में कांग्रेस अपने पार्षदों को संभालने में बिजी, बीकानेर-पाली में अपने ही निर्दलीय हो गए भरतपुर; भाजपा ने प्रत्याशी उतारा, कांग्रेस ने नहीं भरतपुर में 38 वार्ड जीतकर निर्दलीय आगे हैं। भाजपा के 20 और कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। भाजपा ने अनुराधा सिंह को उतारा है, लेकिन कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं होने से निर्दलीय विचित्रा से टक्कर होगी। बताया जा रहा है कि विचित्रा को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। पाली; कांग्रेस पार्षद ने निर्लदीय का पर्चा भरा पाली में कांग्रेस ने 29 वार्ड जीते। भाजपा ने 21 वार्ड वार्ड जीते। निर्दलीयों ने 15 वार्ड में जीत हासिल की। अब राजबाला और सुमित्रा जैन ने कांग्रेस प्रत्याशी के साथ और निर्दलीय के रूप में भी मेयर का पर्चा दाखिल किया है। यहां भी बगावत का खतरा दिख रहा है। नगर पालिका में रोचक नतीजे धोरीमन्ना की पहली नगर पालिका में 21 वर्ष की कीर्ति गोसाईवाल निर्विरोध अध्यक्ष बनीं। कीर्ति भाजपा से हैं। 9 वोट से जीती थीं। {खेतड़ी पालिका में कांग्रेस पार्षद गीतादेवी भाजपा में गईं। अध्यक्ष प्रत्याशी बनी, निर्विरोध अध्यक्ष बनी। {पहाड़ी पालिका में भाजपा के शिशुपाल शर्मा भी निर्विरोध अध्यक्ष बने। बीकानेर; अनिल का पर्चा चाचा कल्ला ने भरवाया, नवरतन ने पार्टी के साथ निर्दलीय भी ताल ठोक दी बीकानेर में कांग्रेस ने अनिल कल्ला को महापौर के लिए उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पार्टी के पार्षद चुने गए नवरतन डागा ने बगावत करते हुए कांग्रेस पार्टी से ही अलग नामांकन करने के साथ ही निर्दलीय के रूप में भी पर्चा दाखिल कर दिया है। बताया जा रहा है कि चुने गए पार्षद दो धड़ों में बंट गए हैं। बता दें कि यहां 80 वार्डों में कांग्रेस 42 लेकर पूर्ण बहुमत में है, लेकिन बगावत के कारण उसे झटका लग सकता है। भाजपा 27 वार्डों में जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। यदि कांग्रेस बंटती है तो इसका फायदा उठाकर भाजपा बोर्ड बना सकती है। अजमेर; भाजपा आश्वस्त, कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खतरा अजमेर में 80 में से 37 वार्ड कांग्रेस ने जीते हैं और 32 वार्डों में भाजपा विजयी हुई है। यहां निर्दलीय ही बोर्ड बनवा सकते हैं। सियासी गलियारों से जानकारी निकल कर आ रही है है कि कांग्रेस अपने सभी पार्षदों को चार्टर प्लेन से बेंगलुरू ले गई है। इन पार्षदों के साथ दो-तीन निर्दलीय पार्षद भी बताए जा रहे हैं। भाजपा यहां पूरी तरह आश्वस्त बताई जा रही है। दावा कर रही है कि निर्दलीयों के समर्थन से बोर्ड बना लेगी, समर्थन मिल चुका है। उधर, बेंगलुरू बाड़ाबंदी के दौरान भी कांग्रेस आशंकित है कि कहीं अपने ही पार्षद क्रॉस वोटिंग ना कर दें, हर पार्षद के साथ वन-टु-वन बातचीत पार्टी के नेता कर रहे हैं।