डीडवाना में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शनिवार को खत्म हो गया। यह सम्मेलन डीडवाना के मालियान पंचायत भवन, सूर्य मंदिर में हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन संगठनात्मक सत्र हुआ। इसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार स्वामी ने की। इसमें जिला मंत्री करण सिंह भावला, जिला संगठन मंत्री भगवान सिंह राठौड़, पूर्व जिला मंत्री पवन कुमार जोशी और सुमन चौधरी मौजूद रहे। जिले के अलग-अलग खंडों के संकुल संयोजक, सह-संयोजक, जिला और खंड कार्यकारिणी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सत्र में जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार स्वामी ने संगठन की आगे की गतिविधियों पर बात की। उन्होंने संगठन के विचारों को हर स्कूल तक पहुंचाने को कहा। जिला मंत्री करण सिंह भावला ने सम्मेलन में मिली शिक्षकों की समस्याओं को इकट्ठा किया। समापन सत्र में पूर्णकालिक कार्यकर्ता राजेंद्र दाधीच मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार स्वामी ने की। प्रदेश विमर्श कार्यशाला के सदस्य कैलाश सोलंकी, पूर्व विभाग संगठन मंत्री शंभू सिंह गौड़ और भुवनेश कुमार शर्मा भी मौजूद थे। आयोजन शाखा के मंत्री संजय कुमार उपाध्याय ने कार्यक्रम का संचालन किया। सम्मेलन में कई मांगें उठाई गईं। इनमें शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से मुक्त करना शामिल है। पे-प्रोटेक्शन पर रोक लगाने की मांग भी की गई। साल 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की जरूरत खत्म करने को कहा गया। पंचायत शिक्षकों को नियमित करने और तृतीय श्रेणी सहित सभी वर्गों की पदोन्नति तय समय में करने की मांग भी हुई। इसके साथ ही, तृतीय श्रेणी और नए पदोन्नत व्याख्याताओं के ट्रांसफर जल्द करने की मांग हुई। शिक्षक कल्याण बोर्ड बनाने और नए अपग्रेड हुए स्कूलों में स्टाफिंग पैटर्न के साथ पदों की पैसे की मंजूरी देने को भी कहा गया। रिटायर हुए कर्मचारियों के सभी तरह के भुगतान समय पर करने की मांग भी की गई। संस्कृत शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं पर भी बात हुई। मांग की गई कि एकल अध्यापक वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में नामांकन के आधार पर पद खत्म न किए जाएं। वरिष्ठ उपाध्याय से अपग्रेड हुए स्कूलों में वरिष्ठ अध्यापकों के पद भी खत्म न हों। व्याख्याता के पद बनाने और संस्कृत शिक्षा विभाग में लंबे समय से रुके हुए शारीरिक शिक्षकों की भर्ती करने की मांग भी की गई।