शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए जेडीए एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) लगाने जा रहा है। इसके तहत करीब 500 सिग्नल, चौराहों और तिराहों पर इंटेलिजेंट कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे AI की मदद से ट्रैफिक लोड का आकलन करेंगे और उसी के अनुसार रेड-ग्रीन सिग्नल की टाइमिंग स्वतः बदल जाएगी। अभी शहर के ज्यादातर सिग्नल फिक्स टाइमिंग पर चलते हैं। जेडीए 332 मौजूदा सिग्नल और 150 से अधिक नॉन-सिग्नल चौराहों-तिराहों के साथ प्रमुख सड़कों, शहर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट और कनेक्टेड नेशनल हाईवे पर यह सिस्टम लगाएगा। जेडीए ने 10 साल के इस ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए 350 करोड़ का टेंडर जारी किया है। मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा। मोबाइल पर बात करते वाहन चलाने और रॉन्ग साइड पर भी रहेगी नजर AI तकनीक से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों की पहचान की जा सकेगी। रेड लाइट-स्टॉप लाइन उल्लंघन, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, बिना सीट बेल्ट, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल, रॉन्ग साइड और अवैध पार्किंग जैसे उल्लंघन कैमरे कैप्चर करेंगे। फैंसी, अमान्य और बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट भी पहचानेगा। शहर की निगरानी भी करेंगे सड़कों पर कचरा, गड्ढे और आवारा पशुओं की स्वतः पहचान हो सकेगी। {सार्वजनिक स्थान पर थूकने और बिना ढके मलबा ले जाने वाले ट्रकों का पता लगाया जा सकेगा। {फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सकेगी। {संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में घंटों की रिकॉर्डिंग को संक्षिप्त कर रंग, वाहन या व्यक्ति से संबंधित फुटेज तलाशेगा। इन चौराहों पर लगेंगे AI सिस्टम अजमेर पुलिया, गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा, पांच बत्ती, स्टैच्यू सर्किल, रामबाग चौराहा, नारायण सिंह सर्किल, जेएलएन मार्ग, आश्रम मार्ग, गोपालपुरा बाईपास, मानसरोवर, वैशाली नगर, मालवीय नगर, जगतपुरा, सांगानेर, विद्याधर नगर, निवारू रोड। परकोटे की 6 जगहों पर रखेंगे नजर बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, घाटगेट, चांदपोल। दिल्ली सहित 5 NH रूट भी दायरे में जयपुर-अजमेर रोड, जयपुर-टोंक रोड, जयपुर-सीकर रोड, जयपुर-आगरा , जयपुर-दिल्ली मार्ग। एम्बुलेंस आएगी तो बन सकेगा ग्रीन कॉरिडोर ; एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य चिह्नित आपातकालीन वाहनों की लाइव लोकेशन ट्रैक कर स्वचालित या मैनुअल तरीके से ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा सकेगा।