अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र स्थित होली फैमिली हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत के बाद शनिवार को परिजनों और रिश्तेदारों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर एच-एस दुआ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से समझाइश कर मामला शांत कराया। लेबर रूम में बिगड़ी तबीयत रामनगर निवासी पूजा गुर्जर (26) पत्नी मनोज की 1 अक्टूबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार पूजा की करीब दो साल पहले शादी हुई थी और गर्भ ठहरने के बाद से उसका चेकअप व इलाज होली फैमिली हॉस्पिटल में डॉ.दुआ की देखरेख में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि 30 सितंबर को प्रसव के लिए पूजा को होली फैमिली हॉस्पिटल लाया गया था। इस दौरान लेबर रूम में उसकी तबीयत बिगड़ गई और बीपी काफी बढ़ गया। परिजनों के अनुसार इसके बाद डॉक्टर ने उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा। परिजन उसे मित्तल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने अटैक आने की बात बताई। करीब 24 घंटे निगरानी में रखने के बाद भी पूजा और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। बहन बोली- महीनों से इलाज चल रहा था मृतका की बड़ी बहन संजू गुर्जर ने आरोप लगाया कि पूजा घर से पूरी तरह स्वस्थ होकर आई थी। लेबर रूम में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और बीपी बढ़ने के बाद वह बेसुध हो गई। संजू का कहना है कि यदि अस्पताल में गंभीर स्थिति संभालने की सुविधा नहीं थी तो गर्भावस्था के दौरान उसका इलाज यहां क्यों किया जा रहा था। संजू ने डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और प्रैक्टिस पर रोक लगाने की मांग की है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने किया घेराव शनिवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लिखित शिकायत दी। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग रखी। हंगामे की सूचना मिलते ही अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों से बातचीत कर मामला शांत कराया।