अजमेर में नगर निगम पार्षद का टिकट लेने के लिए बीजेपी और कांग्रेस से दावेदारों ने बड़ी संख्या में आवदेन किया है। आवेदन फॉर्म की छंटनी का काम शुरू कर दिया गया है। दोनों ही पार्टी कल यानी मंगलवार शाम तक तीन-तीन दावेदारों के नाम फाइनल कर लेगी। इसके बाद अंतिम निर्णय प्रदेश स्तर पर होगा। दोनों ही दलों ने जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देने का दावा किया है। नगर निगम के 80 पार्षदों के लिए बीजेपी और कांग्रेस में एक-एक हजार से ज्यादा आवेदन मिले है। ऐसे में हर वार्ड से करीब 10 से 15 और कहीं पर तो 20 से 30 आवेदन है। ऐसे में इनकी छंटनी को लेकर मशक्कत की जा रही है। इनकी छंटनी को लेकर दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी रणनीति बनाई है। बीजेपी ने वार्ड स्तर पर एक कमेटी का गठन किया है, जो टिकट मांगने वाले दावेदारों के जिताऊ होने, पार्टी के प्रति निष्ठा रखने और क्षेत्र में उनकी सहभागिता पर फोकस करेगी और अपनी ओर से राय देगी। इसके बाद भाजपा तीन-तीन दावेदारों के पैनल तैयार करेगी। कांग्रेस ने भी वार्ड स्तर पर इसका आंकलन शुरू कर दिया है। जो पार्टी के साथ खड़ा रहा, कार्यक्रमों में समय निकालकर उपस्थिति दी और पार्टी को जिताने में समक्ष होगा, उसे ही टिकट देने की रणनीति तैयार की है। कल शाम तक दोनों ही पार्टी तीन-तीन नामों का पैन तैयार कर लेगी। बागियों को मनाना एक बड़ी चुनौती भाजपा हो या कांग्रेस, टिकट के लिए एक हजार से ज्यादा आवेदन आए है। ऐसे में दोनों ही दलों में जो असंतोष होगा, उससे निपटना भी आसान नहीं होगा। इसके बाद टिकट नहीं मिलने पर खफा होकर चुनाव मैदान में डटने वाले बागी को मनाना भी एक बड़ी चुनौती होगा। पिछले 36 सालों में हर बार भाजपा पार्षद ज्यादा जीते अजमेर में पिछले चुनावों में अब तक भाजपा का दबदबा रहा है। पिछले 35 सालों में 6 बार भाजपा व 1 बार कांग्रेस का मुखिया बना। खास बात ये है कि इन सालों में हर बार जीतने वाले भाजपा पार्षदों की संख्या ज्यादा रही। कांग्रेस का एक बार मुखिया बना और वो भी साल 2010 में, जब पहली बार जनता ने मुखिया चुनाव, लेकिन बोर्ड में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस पार्षदों की संख्या कम रही। जानिए-चुनाव का पूरा कार्यक्रम पार्षद के लिए दो चरण में कब-कहां वोटिंग ………. पढें ये खबर भी… भाजपा छोड़ चुके पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत का फिर वीडियो:बोले- 13 पत्रावलियों का दोष सिर्फ मेरे सिर क्यों; देवनानी पर भी लगाए आरोप भाजपा छोड़ चुके अजमेर पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने एक बार फिर वीडियो जारी कर 13 पत्रावलियों से जुड़े मामले में अपनी बात रखी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस प्रकरण में उन्हें अकेले कैसे दोषी ठहराया जा सकता है, जबकि प्रक्रिया में अन्य स्तरों की भी भूमिका रही। वीडियो में गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर भी आरोप लगाए और मामले को लेकर कई सवाल खड़े किए। पूरी खबर पढें