अजमेर में रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी से 26.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है। पीड़िता ने एक होटल संचालक पर मकान के सौदे के नाम पर रुपए लेने और बाद में रकम नहीं लौटाने का आरोप लगाया है। मामले में कृष्णगंज थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता सरला भट्ट का पुरानी मंडी क्षेत्र स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर विवाद चल रहा था। मकान बेचने की बात पर पीड़िता के परिचित के बेटे हेमंत भाटी ने मदद करने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि आरोपी हेमंत ने पहले 5 लाख रुपए देने की मांग की। बाद में एग्रीमेंट कराने की बात कही। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने आधार कार्ड की कॉपी भी लीं। करीब 2-3 महीने तक मकान के नीचे बने कमरे में रहा। अलग-अलग चेक के जरिए रकम ली पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसके परिवार ने आरोपी को अलग-अलग समय पर चेक के जरिए रकम दी। इसके अलावा 21 लाख रुपए का RTGS भी किया गया। 10 दिसंबर 2021 को 50 हजार रुपए और 7 मई 2022 को 25 हजार रुपए का भुगतान भी चेक से किया गया। आरोप है कि कुल 26.75 लाख रुपए लेने के बाद भी आरोपी ने मकान की रजिस्ट्री नहीं कराई। रजिस्ट्री के लिए कहते रहे, आरोपी टालता रहा पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब परिवार ने रजिस्ट्री कराने के लिए कहा तो आरोपी कभी दस्तावेज तैयार कराने तो कभी लोन स्वीकृत होने का हवाला देकर मामला टालता रहा। साल 2023 से लगातार रकम लौटाने का आश्वासन भी देता रहा, लेकिन भुगतान नहीं किया। 21 जुलाई 2026 को पीड़िता के भाई ने आरोपी से भुगतान की अंतिम तारीख बताने के लिए मैसेज किया। इसके बाद 1 अगस्त को भी वॉट्सएप पर मैसेज कर 26.75 लाख रुपए लौटाने की मांग की गई। आरोप है कि इसके बावजूद रकम वापस नहीं की गई। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।