दक्षिणी राजस्थान में इस बार मानसून का मिजाज मिला-जुला रहा। बांसवाड़ा और डूंगरपुर में जहां अच्छी बारिश हुई, वहीं उदयपुर में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। सतही जल स्रोतों में पानी की आवक बेहद कम रहने के चलते जलदाय विभाग ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में एहतियातन बदलाव किया है। अधीक्षण अभियन्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार आगामी 20 सितंबर, रविवार से उदयपुर शहर में अब 72 घंटे (हर तीसरे दिन) के अंतराल पर पानी की सप्लाई की जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल भंडार को सहेजकर आगामी अगस्त तक शहर की पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। वजह ये है कि इस बार कम बारिश के चलते शहर को पानी पिलाने वाले प्रमुख बांधों में जलस्तर काफी घट गया है। मादड़ी बांध में पानी खत्म हो चुका है। इसका जलस्तर शून्य फीट पर पहुंच गया है। आकोदड़ा बांध में 24 घंटे में जलस्तर 1.9 फीट से घटकर महज 0.9 फीट रह गया है। यहां से 6 इंच गेट खोलकर 25 क्यूसेक पानी लिया जा रहा है। अलसीगढ़ बांध का सहारा शहर की जरूरत को पूरा करने के लिए अलसीगढ़ बांध का गेट 1.6 फीट खोलकर लगातार 266 क्यूसेक पानी लिया जा रहा है। इसका जलस्तर 16 फीट से घटकर 14.5 फीट रह गया है। सीसारमा का बहाव जारी, पिछोला में 4 इंच बढ़ा जलस्तर बांधों से आ रहे पानी के साथ-साथ सीसारमा नदी में 2.6 फीट और नांदेश्वर चैनल में 1 फीट का बहाव जारी है। इसके चलते पिछोला झील में जलस्तर 24 घंटे में 4 इंच बढ़कर 7.2 फीट (कुल क्षमता 11 फीट) दर्ज किया गया है। वहीं, फतहसागर का वर्तमान जलस्तर 5.10 फीट (कुल क्षमता 13 फीट) है।