टोंक जिले में बीते 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह 8 बजे तक मौसम का मिजाज बदला रहा। जिले के अलग-अलग इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। इससे बीसलपुर बांध को छोड़कर जिले के अन्य तालाबों और बांधों में पानी की आवक शुरू हो गई है। जलभराव के स्तर में भी सुधार हुआ है। हालांकि बीसलपुर बांध में पानी की आवक नहीं बढ़ी और मंगलवार को भी सोमवार की तरह इसका जलस्तर 314.05 आरएल मीटर पर बना हुआ है। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 37 MM बारिश दर्ज की गई। बारिश का दौर अभी भी रुक-रुककर जारी है, लेकिन अब इसकी रफ्तार कमजोर पड़ गई है। कई जगह बूंदाबांदी तो कई जगह रिमझिम बारिश हो रही है। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई है और लोगों को गर्मी व उमस से काफी राहत मिली है। तापमान में भी गिरावट आई है। ​कई रास्तों पर पानी भरा, आवागमन प्रभावित बारिश के चलते जिले में कई जगह आवागमन भी प्रभावित हुआ है। रास्तों पर पानी निकासी की व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अलीगढ़ में सबसे ज्यादा 108 MM बारिश टोंक जिले में चालू मानसून सीजन की वार्षिक औसत बारिश 594.96 MM है। अब तक कुल बारिश का आंकड़ा 317.96 MM पहुंच गया है। प्रतिशत के हिसाब से जिले में 48.55% बारिश हो चुकी है। एक दिन पहले तक बारिश 379.48 MM दर्ज थी, जो कुल औसत का 42.67% थी। बीती रात हुई तेज बारिश के बाद 24 घंटे में बारिश का आंकड़ा करीब 37 MM बढ़ा है। प्रतिशत के हिसाब से भी इस दौरान करीब 6% बारिश हुई है। फसलों को मिला जीवनदान, किसानों को राहत सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक हुई तेज बारिश से फसलों को राहत मिली है। जिले में करीब एक सप्ताह से तेज बारिश नहीं होने के कारण फसलों को पर्याप्त ग्रोथ नहीं मिल रही थी। अब खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। स्थानीय नदी-नालों और तालाबों में पानी आने से आने वाले दिनों में पेयजल और सिंचाई की समस्या में भी सुधार की उम्मीद है।