अलवर सिटी के बुध विहार सी-ब्लॉक में रविवार देर रात का एक वीडियो देखकर आसपास के लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया। वीडियो में घर के गेट के ऊपर से एक लेपर्ड जैसा जानवर निकलता दिखा है। दो दिन से इस वीडियो को देखकर लोग लेपर्ड मान रहे हैं। जिसके कारण कॉलोनी के लोगों में भी डर है। असल में बुध विहार के बगल में सरिस्का के बफर जोन का जंगल भी है। इस कारण भी आमजन को लगता है कि लेपर्ड आ सकता है। लेकिन इस वीडियो को सरिस्का की टीम ने बारीकी से देखा। कई अन्य चीजों से मिलान किया। उसके बाद अलवर बफर जोन के रेंजर शंकर सिंह राजपूत ने कहा कि यह लेपर्ड नहीं बिल्ली है। रेंजर शंकर सिंह ने बताया कि लेपर्ड इतना छोटा नहीं होता है। दूसरा इसकी पूंछ पर घेरेनुमा धारी हैं। जो लेपर्ड पर नहीं होता है। तीसरा उनका कहना है कि लेपर्ड कभी भी इतने छोटे गेट के ऊपरी की संकरी सी जगह से नहीं निकलता है। इसलिए आमजन को डरने की जरूरत नहीं है। लेपर्ड नहीं बल्कि बिल्ली बताया स्थानीय लोगों के अनुसार, बुध विहार के पास की पहाड़ी सीधे सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन से लगती है। आशंका जताई जा रही है कि देर रात भोजन या शिकार की तलाश में लेपर्ड पहाड़ी के रास्ते आबादी क्षेत्र में दाखिल हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि वन विभाग की टीम ने इसे लेपर्ड नहीं बल्कि बिल्ली बताया है। इन इलाकों में फैला खौफ सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया और लोकल ग्रुप्स में वायरल होने के बाद आसपास की पुरानी आबादी वाले क्षेत्रों में भी चिंता बढ़ गई है। विजय नगर, बुध विहार, पत्रकार कॉलोनी और धोबी घट्टा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोग अब रात में बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। लेकिन अब वन विभाग से जानकारी मिलने के बाद आमजन को पता लगने पर राहत मिली है।