अलवर शहर के अपनाघर शालीमार विस्तार में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी और रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोपी ने चार प्लॉट अपने बताकर दो लोगों से कुल 56.60 लाखों रुपए ऐंठ लिए। पीड़ितों ने रजिस्ट्री की बात कही तो, टालमटोल करने लगा। इसके बाद पता लगा कि दोनों प्लॉट आरोपी के नाम ही नहीं है। किसी और के प्लॉट को अपना बताकर रुपए ऐंठ रहा था। पीड़ित रणजीत नगर निवासी विनोद कुमार गुप्ता ने दोनों मामलों में महावीर नगर निवासी तुलसीदास के खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश किया था। कोर्ट के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रजिस्ट्री के लिए टालमटोल करता रहा आरोपी, प्लॉट किसी और का निकला परिवाद के अनुसार- पहले मामले में जुलाई 2025 में तुलसीदास ने अपनाघर शालीमार विस्तार फेज-3, ग्राम सिरमोली स्थित भूखंड संख्या ए-26 और ए-48 के कागजों की फोटो कॉपी दिखाकर दोनों प्लॉट बेचने की बात कही। सौदा तय होने के बाद 18 जुलाई 2025 को तुलसीदास के ऑफिस में एग्रीमेंट किया गया। इसके बाद पीड़ित ने उसे 36.60 लाख रुपए दिए। इसके बाद पीड़ित ने रजिस्ट्री, पट्टा और कब्जे के लिए आरोपी से संपर्क किया लेकिन वह टालमटोल करता रहा। जुलाई 2026 में प्लॉट के संबंध में जानकारी लेने पर पीड़ित को पता चला कि ए-26 और ए-48 का आरोपी से कोई संबंध नहीं है और दोनों प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति के नाम हैं। रुपए वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी दूसरे मामले में जनवरी 2026 में इसी तरह का आरोप है। परिवाद के अनुसार- आरोपी ने अपनाघर शालीमार विस्तार फेज-4, ग्राम सिरमोली स्थित भूखंड संख्या 55 और 56 के दस्तावेज दिखाकर दोनों प्लॉट बेचने का प्रस्ताव रखा। 19 जनवरी 2026 को एग्रीमेंट किया गया और परिवादी ने आरोपी को 20 लाख रुपए बतौर साई दिए। परिवाद में आरोप है कि बाद में पट्टा, रजिस्ट्री और कब्जे के लिए संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। जुलाई 2026 में जानकारी लेने पर परिवादी को पता चला कि दोनों भूखंड भी आरोपी के नाम नहीं हैं और किसी अन्य व्यक्ति के नाम बताए गए। दोनों मामलों में परिवादी ने रकम वापस मांगी तो आरोपी तुलसीदास और उसके बेटे राहुल पर परिवादी व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।