अलवर जिले की 768 उचित मूल्य दुकानों पर 9 अक्टूबर तक राशन वितरण शुरू नहीं हो पाया है। ट्रांसपोर्ट एजेंटों की किराया बढ़ाने की मांग के चलते यह प्रक्रिया अटकी हुई है। इससे 13 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। मामला फिलहाल जयपुर मुख्यालय में विचाराधीन है। देरी हुई तो नवंबर में बांटना पडे़गा ट्रांसपोर्ट एजेंटों ने परिवहन लागत में वृद्धि के कारण दरें बढ़ाने की मांग रखी है। रसद विभाग 15 अक्टूबर तक वितरण शुरू कराने के प्रयास में जुटा है। यदि देरी बढ़ी तो अक्टूबर का राशन नवंबर में दो महीने के साथ बांटना पड़ सकता है। जिला रसद अधिकारी महेश शर्मा ने बताया- मुख्यालय से लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रयास है कि 15 अक्टूबर या महीने के अंत तक उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध करा दिया जाए।