अलवर के शाहपुर निवासी एक व्यक्ति ने दो लोगों पर लोन दिलाने का झांसा देकर उसकी और उसकी मां की जमीन के फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित इकबाल खां ने इस्तगासे के जरिए मामला दर्ज कराया है। इकबाल खां ने रिपोर्ट में बताया कि अगस्त 2025 में उसे घरेलू जरूरत के लिए पैसों की आवश्यकता थी। इस दौरान परिचित विक्रम सिंह यादव ने अपने मित्र सुनील कुमार यादव से मिलवाया और कम ब्याज पर लोन दिलाने की बात कही। डॉक्यूमेंट्स पर अंगूठा लगवाया आरोप है कि 27 अगस्त 2025 को दोनों उसे और उसकी मां घीसी देवी को तहसील परिसर, भवानी तोप ले गए। वहां फोटो, आधार की प्रतियां और अन्य दस्तावेज लेने के साथ कुछ कागजात पर हस्ताक्षर व अंगूठा निशान करवाया गया। इसके बाद सुनील ने 5 लाख रुपए का चेक देकर 8-10 दिन में लोन मिलने की बात कही। पीड़ित व उसकी मां पढ़ी नहीं पीड़ित के अनुसार बाद में दोनों ने दस्तावेजों में कमी बताकर लोन स्वीकृत नहीं होने की बात कही। आरोप है कि करीब एक साल बाद 10 अगस्त 2026 को कोर्ट के दस्तावेज मिलने पर उसे पता चला कि उसकी और उसकी मां की जमीन के दो अलग-अलग एग्रीमेंट 27 अगस्त 2025 को तैयार किए गए हैं। इकबाल व उसकी मां अनपढ़ है, उनका आरोप है कि जमीन बेचने का कोई सौदा नहीं किया और न ही कोई बयाना राशि प्राप्त की। पीड़ित ने पहले विजय मंदिर थाने में शिकायत दी, जहां से मामला अरावली विहार थाना क्षेत्र का बताया गया। इसके बाद अदालत में इस्तगासा पेश किया गया। अदालत से बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत अरावली विहार थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई है। मामले में आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।