नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को जिले के 10 निकायों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इनमें चिड़ावा, पिलानी, विद्या विहार, सूरजगढ़, सिंघाना, बुहाना, मंडावा, मंड्रेला, बिसाऊ और मलसीसर नगर पालिका शामिल हैं। इन निकायों के 277 वार्डों के 1.87 लाख से अधिक मतदाता 1213 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि दूसरे चरण में 277 वार्डों के लिए 281 मतदान बूथ निर्धारित किए गए हैं। इन मतदान बूथों पर कुल 1,87,264 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 97720 पुरुष और 89544 महिला मतदाता शामिल हैं। दूसरे चरण के चुनाव में कुल 1213 अभ्यर्थी मैदान में हैं। चिड़ावा नगर पालिका के 45 वार्डों के लिए 48 बूथ बनाए गए हैं। यहां 46049 मतदाता हैं। इनमें 24033 पुरुष और 22016 महिला मतदाता हैं। यहां 209 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं। गुरुवार को मतदान दलों को प्रशिक्षण देकर रवाना किया गया। नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को होने जा रहे मतदान में भाजपा और कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ-साथ कांग्रेस के तीन विधायकों की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर होगी। दूसरे चरण में मंडावा, सूरजगढ़ और पिलानी विधानसभा क्षेत्रों के कुल 10 निकायों में वोट डाले जाएंगे। इनमें मंडावा विधायक के क्षेत्र में मंडावा, बिसाऊ व मलसीसर में, सूरजगढ़ विधायक के क्षेत्र में सूरजगढ़, बुहाना व सिंघाना में और पिलानी विधायक के क्षेत्र में चिड़ावा, पिलानी, विद्या विहार व मंड्रेला में चुनाव है। सिंघाना, बुहाना, मंड्रेला व मलसीसर में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। शेष 6 निकायों चिड़ावा, सूरजगढ़, पिलानी, विद्याविहार, बिसाऊ व मंडावा में से पांच में कांग्रेस या कांग्रेस समर्थित निर्दलीयों का कब्जा था। एकमात्र सूरजगढ़ में भाजपा का बोर्ड बना था। इस बार कांग्रेस के सामने अपना गढ़ बचाने की चुनौती है, वहीं भाजपा के पास कांग्रेस से बोर्ड छीनने का मौका है। पिलानी : पिलानी विधायक पितराम सिंह काला के क्षेत्र में चार निकायों में चुनाव हैं। उनके सामने कांग्रेस समर्थित 3 बोर्डों को कायम रखने की चुनौती है। पिछली बार पिलानी, विद्या विहार में कांग्रेस समर्थित निर्दलीयों के बोर्ड बने थे। चिड़ावा में भी कांग्रेस ने निर्दलीयों के सहयोग से बोर्ड बनाया था। मंड्रेला में पहली बार चुनाव हैं। भाजपा नेता राजेश दहिया व पवन मावंडिया के सामने बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी रहेगी। मंडावा : विधानसभा क्षेत्र में मंडावा, बिसाऊ और मलसीसर निकाया है। मंडावा और बिसाऊ में पिछली बार कांग्रेस का बोर्ड बना था। मलसीसर में पहली बार चुनाव होंगे। कांग्रेस दोनों जगह बोर्ड बरकरार रखने के साथ मलसीसर में जीत दर्ज करना चाहेगी। वहीं भाजपा के सामने कांग्रेस के कब्जे वाली दोनों पालिकाओं में सेंध लगाने और मलसीसर में शुरुआत से ही अपना बोर्ड बनाने की चुनौती है। मुकाबला दिलचश्प है। सूरजगढ़ : विधानसभा क्षेत्र में सूरजगढ़, बुहाना और सिंघाना हैं। पिछली बार सूरजगढ़ में भाजपा का बोर्ड बना था, जबकि बुहाना और सिंघाना में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस विधायक श्रवणकुमार तीनों जगह जीत हासिल कर अपना प्रभाव मजबूत करना चाहेगी। जबकि भाजपा नेत्री संतोष अहलावत व पूर्व विधायक सुभाष पूनिया के कंधों पर सूरजगढ़ का गढ़ बचाते हुए बुहाना व सिंघाना में परचम लहराने की जिम्मा है।