अजमेर नगर निगम को सोमवार को नई मेयर मिल गई। वार्ड 3 से पहली बार पार्षद का चुनाव जीतकर राजनीति में आईं अनामिका शर्मा अब अजमेर की नई मेयर हैं। चुनाव में उन्हें करीब 43 पार्षदों का समर्थन मिला। दरअसल, अनामिका के परिवार का भाजपा से जुड़ाव पुराना है। संत कंवर राम, कृष्णा विहार कॉलोनी और आसपास के परिवारों में अनामिका शर्मा को लोग अनामिका से ज्यादा ‘अन्नू’ के नाम से जानते हैं। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान बहू से ज्यादा बेटी की तरह है। धार्मिक गतिविधियों से भी उनका जुड़ाव है। वे रोज दुर्गासप्तशती का पाठ करती हैं। अत्तार बगीची स्थित शिव मंदिर में महिला मंडली के साथ भजन-कीर्तन में शामिल होती हैं। बीकानेर से पूरी की पढ़ाई 13 मार्च 2006 को उनकी शादी मनीष शर्मा से हुई थी। उनका पीहर किशनगढ़ है। पढ़ाई उन्होंने बीकानेर में मौसी मंजू के घर रहकर पूरी की। इसी साल उनकी सास रत्नी देवी का निधन हुआ। पुष्कर के गायत्री महायज्ञ में संभाली फाइनेंस मैनेजमेंट की जिम्मेदारी महामंडलेश्वर प्रखर महाराज के आदेश पर पुष्कर में हुए गायत्री शत पुरश्चरण महायज्ञ में अनामिका ने फाइनेंस मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाली थी। इस काम में उनके ससुर सीताराम शर्मा, पवन मिश्रा और पति मनीष शर्मा ने सहयोग किया। अनामिका के पिता दिवंगत शिवदयाल रतावा थे, जबकि माता कुसुमलता हैं। उनकी बहन मीना जयपुर और भाई वासुदेव किशनगढ़ में रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई का भी रोज लेती हैं अपडेट अनामिका के परिवार में बेटा पुलकित और बेटी किमाया है। परिवार के अनुसार वे बच्चों की पढ़ाई का अपडेट भी रोज लेती हैं। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता बनी रही। भाजपा से पुराना जुड़ाव, ससुर रहे मंडल अध्यक्ष अनामिका शर्मा के ससुर सीताराम शर्मा वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के करीबी माने जाते हैं। वे भाजपा में मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अनामिका के पति मनीष शर्मा व्यवसायी हैं। वे अजमेर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष होने के साथ वार्ड 3 में भाजपा के बूथ अध्यक्ष भी हैं। पहली बार चुनाव लड़ा और 954 वोट से जीतीं अनामिका शर्मा ने पहली बार नगर निगम चुनाव लड़ा। वार्ड 3 से उन्हें 3,687 वोट मिले। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी संध्या काबरा को 954 वोट से हराया। संध्या काबरा को 2,733 वोट मिले थे। अनामिका लघु उद्यमी हैं। 10वीं तक पढ़ी हैं। नामांकन के दौरान दिए हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 37.61 लाख रुपए है। नामांकन के समय ही कहा था- भाजपा का बोर्ड बनेगा नगर निगम चुनाव के दौरान नामांकन के बाद अनामिका ने भाजपा का बहुमत आने और बोर्ड बनने का दावा किया था। उन्होंने अजमेर को स्मार्ट बनाने और शहर की समस्याओं के समाधान के लिए काम करने की बात कही थी। अब वार्ड 3 की पार्षद से अजमेर नगर निगम की मेयर बनने के बाद उनके सामने शहर की जिम्मेदारी है। पहली बार चुनाव लड़कर सीधे मेयर की कुर्सी तक पहुंचने वाली अनामिका शर्मा की राजनीतिक पारी अब नगर निगम के स्तर पर नई भूमिका के साथ शुरू हुई है। ये भी पढ़ें… अजमेर में 8वीं बार बीजेपी का बोर्ड,अनामिका शर्मा बनीं मेयर:निर्दलीयों से गठजोड़ में भाजपा रही आगे; कांग्रेस की किरण गढ़वाल हारीं