राहुल गांधी बुधवार शाम को इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले। प्रियंका भी उनके साथ रहीं। दोनों करीब एक घंटा वहां रुके। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अंकिता उत्तराखंड में एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी। वहां VIP को सर्विस देने से मना करने पर 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। VIP का नाम कभी सामने नहीं आया लेकिन परिवार दुष्यंत कुमार गौतम पर सवाल उठाता रहा है। राहुल-प्रियंका की 2 तस्वीरें… राहुल ने पिता के कंधे पर हाथ रखा प्रियंका ने मां को पानी पिलाया 'मेरी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद थी, अब हम किसके पास जाएं' अंकिता की मां सोनी देवी ने दैनिक भास्कर से की गई बातचीत में कहा कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बेटी की हत्या के मामले में जिस VIP को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसे राज्यपाल बना दिया गया है। ऐसे में परिवार को समझ नहीं आ रहा कि वह न्याय के लिए किसके पास जाए। उन्होंने बताया कि परिवार उत्तराखंड से दिल्ली आया है और इंडिया गेट पर अपनी आवाज उठाना चाहता है। मां ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, लेकिन आम जनता ने हमेशा उनका साथ दिया है। जनता की मदद से ही मामला यहां तक पहुंचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के लोग आगे भी उनका साथ देंगे और बेटी को न्याय दिलाने में मदद करेंगे। अंकिता ने पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने उठाए जांच से जुड़े ये सवाल 1. VIP की पहचान अब तक क्यों नहीं हुई? 18 सितंबर 2022 को अंकिता की हत्या के बाद से परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। निचली अदालत में सुनवाई के दौरान भी VIP की पहचान का मुद्दा उठाया गया था। अंकिता के फोन की चैट में VIP के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मांगने का जिक्र था। परिवार ने उस समय अजय कुमार का नाम भी लिया था। 2. उर्मिला सनावर के वीडियो में लिए गए नामों की जांच हो पिता के मुताबिक, उर्मिला सनावर ने बाद में एक वीडियो जारी कर कथित VIP के रूप में सुरेश राठौर और अजय कुमार के नाम लिए थे। इसके बाद उत्तराखंड में फिर विरोध प्रदर्शन हुए। परिवार चाहता है कि इन नामों से जुड़े पहलुओं की जांच की जाए। 3. सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग की थी 7 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री ने परिवार को बुलाया था। उस दौरान परिवार ने मांग की थी कि CBI जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराई जाए। पिता के अनुसार, 2 फरवरी को CBI जांच की घोषणा हुई, लेकिन आठ महीने बीतने के बाद भी उन्हें जांच में हुई प्रगति की जानकारी नहीं मिली। 4. पुराने गवाहों के बयान दोहराने के बजाय जांच आगे बढ़े पिता ने बताया कि 9 अक्टूबर को CBI अधिकारियों से बातचीत हुई थी। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने चार्जशीट में पहले ही दर्ज गवाहों के बयान दोहराने की बात कही। परिवार का कहना है कि इन बयानों को दोहराने के बजाय जांच को आगे बढ़ाकर VIP की पहचान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। 5. उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर से पूछताछ हो पिता की मांग है कि उर्मिला सनावर का बयान दर्ज किया जाए और कथित VIP से जुड़े पहलुओं की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सुरेश राठौर से पूछताछ की जाए और यदि वह बयान देने से इनकार करते हैं, तो कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाए। 6. पुलकित आर्य के फोन की जांच में कमी क्यों रही? पिता ने आरोप लगाया कि SIT ने 18 और 19 सितंबर 2022 के बीच पुलकित आर्य के फोन की रिकवरी नहीं की और उससे जुड़ी जानकारी भी नहीं जुटाई। उनके मुताबिक, पुलकित ने 19 सितंबर को नया फोन लिया था और वही फोन SIT को सौंपा गया था। परिवार चाहता है कि फोन से जुड़े इस पहलू की भी जांच हो। आखिर इस पूरे केस में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम कैसे आया ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस विधायक बोले-गैरसैंण में सत्र के दौरान करूंगा आत्मदाह:सुमित हृदयेश ने अपनी और परिवार की जान का खतरा बताया, फोन हेकिंग के लगाए आरोप हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने इशारों-इशारों में पार्टी के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपनी ही पार्टी के लोगों से अपनी जान को खतरा बताया। सुमित हृदयेश ने कहा कि मेरी ही पार्टी के लोग मेरी हत्या कराना चाहते हैं। कुछ लोग फोन रिकॉर्डिंग के साथ-साथ सभी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने अपने परिवार पर भी जान का खतरा बताया। (पढ़ें पूरी खबर)