भास्कर न्यूज | टोंक निवाई कस्बे में 38 लाख के ऑनलाइन सट्टे व गैंबलिंग की कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि, निवाई पुलिस स्थानीय राजनीतिक दबाव की परवाह नहीं करते हुए अब सामने आए सभी आरोपियों को अंजाम तक पहुंचाया है। वांछित प्रमुख आरोपी में से एक निवाई निवासी मुदित जैन को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। मुदित व उससे जुड़े लोगों की भूमिका जांची जा रही है। पुलिस का कहना है इस मामले में जांच अभी जारी है। जानकारी में आया कि जिस मकान में कार्रवाई की गई वह ना तो राजाराम और ना ही मुदित जैन का है। चर्चा है कि मकान मालिक और मुदित को बचाने के लिए शहर कुछ राजनेताओं ने कार्रवाई नहीं करने के लिए निवाई पुलिस पर दबाव बनाया था, लेकिन पुलिस ने दबाव नहीं मानकर कार्रवाई की है। बताया जाता है कि एक नेता तो चुनाव प्रचार छोड़कर सिफारिश के लिए निवाई थाने तक पहुंच गए थे, लेकिन उनकी एक नहीं चली। दरअसल टोंक एसपी की टीम और निवाई थाना पुलिस की ओर से 3 सितंबर को निवाई कस्बे में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ कार्रवाई की थी। जिसमें सिर्फ राजाराम गुर्जर की गिरफ्तारी दिखाई गई। अब दो दिन बाद उसी मामले में निवाई निवासी मुदित जैन की गिरफ्तारी के बाद निवाई पुलिस को लेकर किए जा रहे सवालों पर ताला लग गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण में मकान मालिक बताए जा रहे एक और व्यक्ति का खुलासा किया जा सकता है। इस मामले में एक अहम सवाल कार्रवाई वाली जगह को लेकर भी है। कार्रवाई पटेल रोड पर श्रवण मिष्ठान भंडार के पीछे वाली गली स्थित मकान में हुई थी। जानकारी के अनुसार यह मकान गिरफ्तार किए गए राजाराम गुर्जर और मुदित जैन, दोनों का नहीं है। ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि मकान किसका है, वहां चल रहे सट्टे में उसका क्या रोल है? पुलिस इस एंगल पर भी जांच का दायरा बढ़ा रही है। ^मामले में अभी अनुसंधान चल रहा है, यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके आधार पर और गिरफ्तारी की जाएगी, अभी इससे जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। घासीराम, थानाधिकारी, निवाई थाना।