विश्व हिंदू परिषद की महिला इकाई मातृ शक्ति एवं दुर्गा वाहिनी की ओर से स्थापना दिवस पर रविवार को शस्त्र पूजन और पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान गांधी चौक पर पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और मातृ शक्ति के पथ संचलन का संगम हुआ। भारत माता के जयकारों के बीच व्यापारियों और आमजन ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत शिवबाड़ी स्थित शिव मंदिर परिसर से हुई। यहां दुर्गा वाहिनी की बहनों ने तलवारबाजी, दंड, नि युद्ध और पिरामिड निर्माण का प्रदर्शन किया। इसके बाद संचलन शहर के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए माही दरवाजा स्थित सारस्वत समाज बगीची पहुंचा, जहां शस्त्र पूजन किया गया। धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना अधर्म नहीं मुख्य वक्ता विहिप की राजस्थान क्षेत्र संयोजिका लता पांडे ने कहा- महिलाओं को लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए मातृ शक्ति से संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना अधर्म नहीं, बल्कि धर्म का कार्य है। शस्त्र के साथ शास्त्र का ज्ञान भी जरूरी है। रील नहीं, धरातल पर करें काम लता पांडे ने महिलाओं से सोशल मीडिया पर रील बनाने के बजाय समाज में वास्तविक कार्य करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को झांसी की रानी, मां दुर्गा, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ बेटों को भी संस्कारित करना जरूरी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर निशा जोशी ने की। कविता सैनी ने लव जिहाद और बबीता बेनीवाल ने नशामुक्ति पर विचार रखे। अवनी रांकावत ने काव्यगीत प्रस्तुत किया। अनुपमा उपाध्याय ने आभार जताया और संचालन जिला संयोजिका भारती वैष्णव ने किया।