अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर किसानों और सिंचाई विभाग के बीच गतिरोध बना हुआ है। एडीएम अशोक सांगवा समाधान के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। रविवार को अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय में मुख्य अभियंता अरुण सिडाना, एडीएम सांगवा, रायसिंहनगर की डीएसपी नीलम और श्रीविजयनगर के अधीक्षण इंजीनियर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। जिसके बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल चेतावनी देते हुए नागौर रवाना हो गए। बेनीवाल ने कहा-अगर मांगें नहीं मानी गई तो वे 14 अक्टूबर को फिर आएंगे। मांग के हिसाब से मिले सिंचाई का पानी, नहीं तो हक लेना जानते हैं किसान प्रतिनिधि नरेंद्र मान समेत करीब तीन दर्जन किसानों ने आठ बारियों के रेगुलेशन की मांग रखी, जबकि विभाग पांच बारियों पर अड़ा रहा। सहमति न बनने पर किसान टोल नाके स्थित धरना स्थल लौट गए। मुख्य अभियंता सिडाना ने खुद धरना स्थल पहुंचकर किसानों से बात की, पर कोई हल नहीं निकला। इस दौरान नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने फोन पर मुख्य अभियंता अरुण सिडाना से बात की। बेनीवाल ने किसानों की मांगों का हल न निकलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि किसानों को उनकी मांग के हिसाब से सिंचाई पानी दिया जाए, नहीं तो किसान अपना हक लेना जानते हैं। आठ बारियों पर अटका पूरा मामला किसान नेता नरेंद्र मान ने वार्ता के बाद बताया कि मुआवजे और कमेटी के गठन सहित अन्य मुद्दों पर पहले ही सहमति बन चुकी है। मुख्य विवाद सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर है। किसानों की मांग है कि फसलों की बिजाई से लेकर पकाई तक जरूरत के अनुसार निर्धारित आठ बारियों में पर्याप्त पानी दिया जाए। इसके विपरीत सिंचाई विभाग पांच बारियों का रेगुलेशन लागू करने की बात कह रहा है। मान ने कहा कि किसानों की मांगों का समाधान केवल मौखिक आश्वासन से नहीं होगा। जब तक लिखित में ठोस आश्वासन या समझौता नहीं मिलता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान धरना स्थल पर साथियों के साथ चर्चा कर आगामी रणनीति तय करेंगे। विभाग पांच बारियों के रेगुलेशन पर कायम सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अरुण सिडाना के अनुसार, किसान प्रतिनिधियों ने आठ बारियों की मांग रखी है, जबकि मौजूदा जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पांच बारियों का रेगुलेशन तैयार किया है। किसानों की ओर से छह बारियों में पानी देने के साथ दो अतिरिक्त बारियों की समीक्षा की मांग रखी जा रही है। वहीं, विभाग की ओर से पांच बारियों के साथ जनवरी के बाद एक अतिरिक्त बारी देने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। मुख्य अभियंता ने वार्ता को पूरी तरह विफल मानने से इनकार करते हुए कहा कि किसानों की मांगों और पानी की उपलब्धता से जुड़ी स्थिति से राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। अब उच्च स्तर से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। नेशनल हाईवे पर जाम से लोग परेशान रविवार को हुई वार्ता के बाद भी समाधान नहीं निकलने से आंदोलन का गतिरोध बरकरार है। किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि सिंचाई विभाग अंतिम निर्णय के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देशों का इंतजार कर रहा है। इस बीच नेशनल हाईवे-911 पर यातायात बाधित हुए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है। हाईवे पर जाम के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हनुमान बेनीवाल नागौर रवाना घड़साना किसान आंदोलन में सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर सहमति नहीं बनने के बाद आरएलपी सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल नागौर के लिए रवाना हो गए। उच्च स्तरीय वार्ता के बावजूद किसानों और सरकार के बीच समाधान नहीं निकल पाया। सरकार की ओर से किसानों को पांच नियमित बारियों के साथ दो अतिरिक्त बारियों का प्रस्ताव दिया जा रहा है, जबकि किसान प्रतिनिधि छह बारियों के साथ दो अतिरिक्त बारियों यानी कुल छह प्लस दो बारियों की मांग पर अड़े हुए हैं। मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद बेनीवाल ने कहा कि वे 14 तारीख को वापस घड़साना आएंगे और हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने किसानों की मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया। वहीं, अब किसानों और प्रशासन के बीच आगे होने वाली बातचीत तथा सिंचाई पानी के रेगुलेशन पर सरकार के फैसले को लेकर नजरें टिकी हैं।