विश्वविद्यालयों ने प्रदेश को बड़े-बड़े कद्दावर नेता दिए हैं। अब यूनिवर्सिटी और एबीवीपी-एनएसयूआई से जुड़े छात्रनेता पंचायतीराज चुनावों में भी दमखम दिखा रहे हैं। इनमें राजस्थान यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष, महासचिव जैसे पदों पर चुनाव लड़ने वाले, कॉलेजों के अध्यक्ष से लेकर संगठनों में पदाधिकारी रहे छात्रनेता शामिल हैं। वहीं जिन वार्डों में महिला सीट आरक्षित हुई है वहां बीजेपी-कांग्रेस से पत्नियों को टिकट दिलाने में सफल हुए हैं, एक जगह तो छात्रनेता ने अपनी मंगेतर को भी चुनाव मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि जयपुर जिला परिषद में 57 वार्ड है। मंगलवार को सभी प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया। दूसरी ओर प्रदेश में 4 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं। एबीवीपी सचिव मीणा चुनाव लड़ रहे; रामकेश मीणा को जिला परिषद जयपुर में वार्ड-38 से भाजपा का टिकट मिला है। रामकेश राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रनेता रहे और एबीवीपी के इकाई सचिव रहे। पिछले चुनावों में भी जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं। विवि में चुनाव नहीं हुए तो परिषद में उतरी नीमा; नीमा वर्मा को वार्ड-42 से कांग्रेस ने उतारा है। एनएसयूआई में प्रदेश सचिव रह चुकी हैं। आरयू से छात्रसंघ चुनाव की तैयारी कर रही थी, लेकिन चुनाव नहीं हुए। वर्तमान में यूथ कांग्रेस में जयपुर ईस्ट से उपाध्यक्ष हैं। इन्होंने पत्नी-मंगेतर को उतारा अध्यक्ष चुनाव हारे चौधरी मैदान में राजपाल चौधरी को जिला परिषद जयपुर के वार्ड-30 से भाजपा ने टिकट दिया है। राजपाल ने 2018 में एबीवीपी से राजस्थान यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। युवा मोर्चा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे।