जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- चुनाव हारना-जीतना चलता रहता है, उसकी हमें चिंता नहीं है। परिसीमन में जो बेईमानी हुई और उसके ऊपर पुलिस की जो गुंडागर्दी रही, वह चिंताजनक है। गहलोत ने कहा- पुलिस अधिकारी अब खुद कह रहे हैं कि हम पर भारी दबाव था। सीएमओ से रोज मॉनिटरिंग हो रही थी और मुख्यमंत्री ने खुद एसपी-कलेक्टर को बुला-बुलाकर निर्देश दिए थे। गहलोत ने जयपुर में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से रविवार को बात करते हुए यह सब कहा। गहलोत ने एक बार फिर निकाय चुनाव में पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग और गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए यह कहा। गहलोत ने कहा- अब पंचायत चुनाव आ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संभाग, जिला और विधानसभा स्तर पर कमेटियां बना दी हैं, पर्यवेक्षक लगा दिए हैं। हम पूरी मजबूती से ये चुनाव लड़ेंगे। हालांकि पंचायत में भी परिसीमन बेईमानी से किया गया है और बाड़ेबंदी की छूट दे दी गई है। ये लोग बाड़ेबंदी में उस्ताद हैं और कैश बांटने के लिए इनके पास बहुत पैसा है, लेकिन जनता इन्हें जरूर जवाब देगी। लोग सब देख और समझ रहे हैं। वहीं गहलोत ने कहा- मैं हाल ही बीकानेर गया था, वहां अकाल की स्थिति बहुत गंभीर है। जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर जैसे क्षेत्रों में भी अकाल के हालात बेहद चिंताजनक बन चुके हैं। यदि मुख्यमंत्री स्तर पर मॉनिटरिंग कर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे प्रदेशवासियों को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। गलत बयानी कर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- यह अपनी गुंडागर्दी को कितना ही छिपाने की कोशिश करें, उसका खंडन करें। वास्तव में इससे राजस्थान की बहुत बदनामी हुई है। मीडिया में इस पर डिस्कशन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गलत बयानी कर रहे हैं। गहलोत ने कहा- परिसीमन में इन्होंने पूरे राजस्थान में बेईमानी की है। मैंने सुना है कि घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी ने छह महीने तक ओटीएस में बैठकर यही काम किया और पूरा बर्बाद कर दिया। वार्डों की संख्या का मजाक बना दिया। कोई वार्ड 85 वोटर्स का है, कोई 250 का, तो कोई 5 हजार, 10 हजार और 20 हजार तक का है। आप इस तरह लोकतंत्र की हत्या क्यों कर रहे हैं? गहलोत बोले- ये अभी सत्ता में हैं। लोगों को इनसे काम पड़ता है, इसलिए वे चुप हैं। वक्त आते ही ऐसा झटका देंगे कि इस सरकार को पूरी गवर्नमेंट याद करेगी। बोले- अकाल और सूखे का सरकार को अहसास तक नहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस समय प्रदेश में अकाल राहत के दौरे पर हैं। जैसलमेर रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- इस बार प्रदेश में जो भयंकर अकाल और सूखा पड़ा है। उसका अंदाजा अभी तक इस सरकार को नहीं है, जिसका मुझे बेहद दुख है। काम के बदले अनाज योजना लाए थे गहलोत ने कहा- आज पशुधन मरने लगा है। कल ही मेरी बात हुई, जैसलमेर में हजारों गायें मर चुकी हैं। चारे का कोई प्रबंधन नहीं है। चारा 20 रुपए किलो तक पहुंच गया है। पूरे उत्तर भारत और विशेषकर राजस्थान में पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। हमारे बांध खाली पड़े हैं। सरकार के पास सारे आंकड़े मौजूद हैं। उन्हें सब मालूम है कि किस बांध में कितना पानी है। जब पानी ही नहीं है तो सिंचाई और पीने के पानी की बहुत बड़ी समस्या आने वाली है। मैं बार-बार यह इसलिए बोल रहा हूं, ताकि सरकार इसे गंभीरता से ले। केवल लंबी-चौड़ी बातें और भाषण देने से काम नहीं चलेगा। जल्द से जल्द गिरदावरी पूरी करवाकर अकाल राहत कार्य शुरू किए जाए। मैं मानता हूं कि इनके लिए ऐसा करना संभव नहीं होगा, लेकिन इनकी तो 'डबल इंजन' की सरकार है तो ये केंद्र से बात क्यों नहीं करते? अपने समय में हम भी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मदद लेकर आए थे। तब मैं 'काम के बदले अनाज' योजना लाया था और अकाल में शानदार प्रबंधन किया था। आज इस सरकार को भी उसी गंभीरता से इस संकट को लेना चाहिए।