नगर निकाय चुनावों को लेकर बुधवार को प्रचार खत्म हो गया। इस बीच पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी बुधवार को जोधपुर पहुंचे। इस दौरान अशोक गहलोत ने भाजपा शहर विधायक अतुल भंसाली को देखकर गाड़ी रोकी। उनसे हाथ मिलाया। इस दौरान कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं ने आमने-सामने होकर नारेबाजी भी की। कांग्रेस ने प्रचार के आखिरी दिन घंटाघर पर सभा करके जोधपुर के लिए संकल्प पत्र जारी किया है। इसमें कांग्रेस ने जोधपुर में वैकल्पिक मार्ग के तौर पर मोनो या मेट्रो रेल की बात कही है। इसके अलावा भीतरी शहर में मल्टीलेवल पार्किंग और ई-रिक्शा जोन घोषित करने समेत कई घोषणाएं की गई हैं। गहलोत ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार की तरफ से लागू की गई योजनाओं और कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की। इससे शहर में गरीबों को रोजगार मिलता। लेकिन सरकार ने इन योजनाओं को ठप कर दिया। गहलोत कहा कि उनके समय गरीबों को खाद्य सामग्री देने की योजना शुरू हुई की गई लेकिन बीजेपी सरकार ने उसे बंद कर दिया। गहलोत ने कहा- राशन वाले वो थैले आज लोगों के पास नजर आ जाएंगे। मैंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कहा कि थैले पर मेरी फोटो हटाकर आपकी लगा दीजिए पर योजना चालू रखिए। भाजपा सरकार ने पिछली सरकार की कई योजनाएं बंद कर दी। गड्ड़े वाली सड़कों में सीएम की गाड़ी हिचोकले खा रही उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जोधपुर में एम्स, आईटीआईटी जैसे संस्थान बने। फिनटेक यूनिवर्सिटी में छ सौ करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि 90 करोड़ से बना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और लाइब्रेरी तैयार हैं लेकिन उद्घाटन नहीं हो रहा। शहर में सड़कों की स्थिति खराब है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर आए तो गड्डे वाली सड़कों में सीएम की गाड़ी भी हिचकोले खा रही थी। भाजपा को हारने पर जनता का फायदा गहलोत ने कहा कि चुनाव में जनता का मूड पता चलता है। चुनाव में भाजपा सबक सिखा दिया, हरा दिया तो मुख्यमंत्री और मंत्री बैठकर चर्चा करेंगे कि ऐसे कैसे हो गया। सरकार जनता का विश्वास जीतने के लिए अच्छी योजनाएं शुरू करेगी। यानि हराने का फायदा जनता को ही होगा। हम विपक्ष में हैं, हमने भी अच्छे काम किए लेकिन फिर भी हार गए। हार को स्वीकारना चाहिए, जनता का फैसले को हमने स्वीकारा। उन्होंनें लोगों से कांग्रेस का बोर्ड बनाने की अपील करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनना तय है। गहलोत बोले- निकाय चुनाव में पहली बार कोई मुख्यमंत्री घूम रहा जोधपुर पहुंचे पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने दोपहर में एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा- स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार में इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री घूम रहा है। यह नौबत क्यों आई। हमने तो कभी कैंपन नहीं किया। प्रतीकात्मक कैंपन कर लो, लेकिन पूरे राजस्थान में घूम रहे हो, क्योंकि आपने कोई काम नहीं किए। स्थानीय चुनाव में स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं को मिले अवसर अशोक गहलोत ने कहा- स्थानीय चुनावों में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को अधिक अवसर मिलना चाहिए। स्थानीय नेता जमीन से जुड़े होते हैं और अपने क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा- चुनाव लोकतंत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। स्थानीय स्तर पर जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। गहलोत ने कहा- एयरपोर्ट के नए टर्मिनल में पहली बरसात में भी पानी टपक गया। इसकी लोगों के बीच काफी चर्चा रही। कांग्रेस सरकार सरकार का इसमें बहुत बड़ा योगदान है। एयरफोर्स के साथ जमीनों का आदान-प्रदान किया। बिल्डिंग बनने के बाद एयरपोर्ट में पानी आ गया। संसद भवन में पानी में आ गया। ऐसा ही हाईकोर्ट में हुआ। वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शहर के वार्डों में घूम कर लोगों से मुलाकात की। हनुमान बेनीवाल ने आरएलपी प्रत्याशियों के समर्थन में सभाएं की। दोनों नेताओं के काफिले आमने-सामने आने पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से गर्मजोशी से मुलाकात की। कांग्रेस ने जोधपुर नगर निगम के संकल्प पत्र में किए ये वादे 1. जोधपुर को स्वच्छ सुंदर और सुव्यवस्थित महानगर बनाने के लिए योजना बनायी जाएगी। 2. मेट्रो एवं सुगम यातायातः शहरों के प्रमुख एवं व्यस्त रूटों पर सुगम आवागमन के लिये मोनो रेल/मेट्रो रेल/एलिवेटेड रोड/वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएंगे। 3. स्मार्ट ई-बस सेवाः स्मार्ट ई बस सेवा से शहरों के बाहरी इलाकों में समयबद्ध आवागमन, संख्या और रूट में विस्तार 4. मल्टीलेवल पार्किंगः व्यस्त बाजारों और आंतरिक शहर के बाजार के लिए मल्टीलेवेल पार्किंग और ई रिक्शा जोन बनाए जाएंगे। 5. सड़कों का सुदृढ़ीकरणः शहर की टूटी सड़कों के समयबद्ध रिपेयर के लिए योजना व नई सड़कों के लिये विस्तृत योजनाएं। 6. डिजिटल वेस्ट मैनेजमेंटः कचरा संग्रहण के लिए जीपीएस-आधारित गाड़ियां और शहर को 'जीरो वेस्ट' बनाने के लिए आधुनिक रिसाइकलिंग प्लांट लगाना। 7. ग्रीन बेल्टः पर्यावरण सुधार के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मियावाकी गार्डन और सघन पौधारोपण। 8. चौराहों का सुंदरीकरणः सीएसआर (CSR) फंड और भामाशाहों के सहयोग से प्रमुख सर्किलों और पार्कों का सौंदर्गीकरण किया जाएगा। 9. अंडरग्राउंड ड्रेनेजः पुरानी और छोटी सीवर लाइनों को बदलकर पूरे शहर में नया और बड़ा ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करना। 10. हेरिटेज जल स्रोतों का पुनरुद्धारः प्रत्येक वार्ड के प्राचीन तालाबों, कुओं, बावड़ियों और टांकों की नियमित सफाई व जीर्णोद्धार करना। 11. निर्बाध पेयजल और बिजलीः हर घर को शुद्ध व नियमित पेयजल आपूर्ति और बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने की दिशा में काम। 12. स्मार्ट फॉगिंग और दवा छिड़कावः मौसमी व कीटाणु जनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया) की रोकथाम के लिए आधुनिक मशीनों से नियमित छिड़काव । 13. पट्टा वितरण अभियानः कच्ची बस्तियों के नियमन और जरूरतमंदों को उनके भूखंडों व मकानों के पट्टे देने के लिए त्वरित अभियान चलाना। 14. सिंगल विंडो डिजिटल सेवाएं: जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीकरण, आधार, राशन कार्ड और व्यापार लाइसेंस जैसी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस बनाना। 15. महिला सुरक्षाः महिला सुरक्षा के लिये पिंक सीट, पिंक ई बस, पिंक ई रिक्शा इत्यादि हर क्षेत्र में सेवाएं। 16. कल्याणकारी योजनाओं का सरलीकरणः सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचाना। 17. लाइब्रेरी और वाचनालयः युवाओं की पढ़ाई के लिए प्रत्येक वार्ड में वाई-फाई युक्त मॉडर्न लाइब्रेरी स्थापित करना। 18. महिला स्वयं सहायता समूहः गृह व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण, ट्रेनिंग और बाजार उपलब्ध कराना। 19. खेल और सांस्कृतिक हबः स्थानीय खिलाड़ियों, कलाकारों और साहित्यकारों के लिए आधुनिक खेल परिसर और सांस्कृतिक केंद्रों का निर्माण और शहर के परम्परिक मेलों त्योंहारों को प्रोत्साहन । 20. पर्यटन और रिवर फ्रंट: जोजरी नदी के रिवर फ्रंट का विकास करना और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व सुविधाएं बढ़ाना। 21. जन सलाहकार समितियांः वार्ड स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी वाली समितियों का गठन। 22. टैक्स दरों की समीक्षाः नगरीय विकास कर (UD Tax) और भू-उपयोग परिवर्तन की दरों को तार्किक और व्यावहारिक बनाना।