कांग्रेस वॉर रूम में बुधवार को बैठक से पहले पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के बीच हुई बातचीत चर्चा में है। इस दौरान गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट से कहा- पंजाब इंचार्ज (पायलट), अब बताइए। पहले आपके इंचार्ज ये (रंधावा) थे, अब इनके इंचार्ज आप हैं। इस पर पायलट ने हंसते हुए कहा- सबके इंचार्ज आप ही हो। राजस्थान, पंजाब… क्या फर्क पड़ता है? गहलोत ने भी हंसते हुए कहा- हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं। इस दौरान गहलोत, पायलट, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित वहां मौजूद नेताओं ने खूब ठहाके लगाए। पंजाब के प्रभारी हैं सचिन पायलट दरअसल, सचिन पायलट हाल ही में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बने हैं। राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर रंधावा पंजाब कांग्रेस के नेता हैं। कांग्रेस वॉर रूम में मजाकिया लहजे में हुई इस बातचीत के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। आम तौर पर कांग्रेस में खेमेबंदी और खींचतान को लेकर खूब चर्चा होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से माहौल बदला हुआ है। कांग्रेस नेता आपस में गर्मजोशी से मिलते हुए दिख रहे हैं। गहलोत बोले- देख लिया सब एकजुट हैं कांग्रेस वॉर रूम में बैठक के बाद गहलोत ने मीडिया से कहा- आप हमेशा पूछते हो, कांग्रेस में एकता नहीं है। आज आपने देख ली, सब एकता है। सब एकजुट हैं। अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी, कोई रोक नहीं सकता। अगली बार फिर आप नहीं पूछोगे कि कांग्रेस में एकता नहीं है। गहलोत की डिनर डिप्लोमेसी पूर्व सीएम गहलोत ने सोमवार को ही कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस नेताओं के साथ डिनर किया था। गहलोत के डिनर में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, बीडी कल्ला, पूर्व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश सहित कई पूर्व मंत्री और नेता मौजूद थे। डिनर के दौरान भी गहलोत गर्मजोशी से नेताओं से मिले। कई तरह की सियासी और अनौपचारिक चर्चाएं की। पहले तल्खी, अब गर्मजोशी अशोक गहलोत ने हाल ही स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस संगठन की रणनीति को लेकर सवाल उठाए थे। गहलोत ने कहा था- हम अगर रोड शो का जवाब रोड शो से देते तो परिणाम कुछ और हमारे पक्ष में आते। निर्दलीयों को ज्यादा वोट मिलना चिंताजनक है। गहलोत के इस बयान को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की रणनीति पर सवाल उठाने से जोड़कर देखा गया। गहलोत ने पहले मानेसर कांड को लेकर भी बयानबाजी करते हुए पायलट पर नाम लिए बिना सवाल उठाए थे। बाद में सचिन पायलट ने नरम लहजे में कहा था कि गहलोत साहब मुझसे वैभव की तरह ही प्यार करते हैं। इसके बाद दोनों के बीच तल्ख बयानबाजी पर फुल स्टॉप लग गया था। मजाकिया अंदाज में कही गई बातों के परे होते हैं सियासी समीकरण राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नेताओं के बीच बनते-बिगड़ते सियासी समीकरणों का आकलन मजाकिया अंदाज में किए गए अनौपचारिक कमेंट्स से करना जल्दबाजी होगी। सार्वजनिक तौर पर यह सब कुछ ठीक दिखाने की रणनीति हो सकती है। ऐसा पहले भी होता रहा है। गहलोत-पायलट की सियासी बॉन्डिंग… तीखी बयानबाजी के बाद मिले तो गहलोत-पायलट ने साथ में लगाए थे ठहाके
17 जून 2026 को राहुल गांधी के कोटा दौरे के दौरान पायलट और गहलोत साथ में हंसते दिखे थे। दोनों कोटा एयरपोर्ट पर राहुल की अगवानी के लिए पहुंचे थे। इस दौरान दोनों एयरपोर्ट लाउंज में पास-पास ही बैठे थे और आपस में चर्चा करते नजर आए थे। इससे पहले दोनों में तीखी सियासी बयानबाजी का दौर चल रहा था, लेकिन राहुल के कोटा दौरे के दौरान तल्खी गायब दिखी। (पूरी खबर पढ़ें) पायलट ने गहलोत को पीछे बैठाकर बाइक चलाई थी
साल 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले गहलोत और पायलट करौली की सभा से पहले बाइक पर साथ-साथ बैठे थे। पायलट बाइक चला रहे थे, गहलोत पीछे बैठे थे। उस वक्त एकता का मैसेज देने दोनों नेता एक गाड़ी से सभा में जाने से लेकर सियासी एकता देने वाले फोटो खिंचवाते थे। विधानसभा चुनावों के बाद एकता के ये इशारे गायब हो गए और फिर दोनों के बीच खींचतान बढ़ती गई।