निगम के 272 प्लॉट घोटाले में आरोपी को राहत और सोने के जेवर छोड़ने के बदले 2 करोड़ की घूस लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पकड़े जाने के डर से एएसपी मुकेश सोनी पहले ही चौकन्ना था। यही वजह थी कि वह दलाल सज्जनसिंह जैन और परिवादी निरंजन मोगरा से मिलने के लिए दोस्त की कार लेकर रानी रोड पहुंचा था। इस बीच एसीबी ने सोमवार को एएसपी के दोस्त की कार जब्त की है। इसके अलावा रविवार रात को गोवर्धन विलास स्थित एसओजी ऑफिस से प्लॉट घोटाले से जुड़ी फाइलें भी जब्त की है। अब परिवादी के घर से लिए गए दस्तावेज और जेवरों में से किसे रिकॉर्ड में दिखा और किसे नहीं, इसकी जांच की जाएगी। साथ ही एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट के एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा मय टीम जब्त फाइलों को भी खंगाला रही हैं। इनसे भी बड़ा खुलासा होने की संभावना है रिटायर्ड एएसपी के जरिए सोनी के संपर्क में आया सज्जन यह भी सामने आया कि घूस लेते पकड़ने जाने के बाद दलाल सज्जनसिंह से एएसपी मुकेश को फोन लगवाया गया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद ही उसके फोन पर हिम्मत सिंह का कॉल आया। इसके बारे में पूछने पर दलाल ने बताया कि वह रिटायर्ड एडिशन एसपी हिम्मत सिंह देवल है। यह उसके पुराने परिचित है। इन्हीं के जरिए उसकी मुकेश सोनी से पहचान हुई थी। इधर, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को एएसपी मुकेश सोनी और दलाल सज्जन जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसमें नए खुलासे सामने आए है। रिपोर्ट में परिवादी की पत्नी हेमलता कांकरिया का आरोप है कि एएसपी उन पर नजर रखते थे। इस डर से निरंजन ने रेती स्टैंड के पास एकांत जगह में जाकर सहायक प्रशासनिक अधिकारी दलपत सिंह को रिपोर्ट दी। फिर सज्जन सिंह ने दो बाद व्हाट्सएप कॉल पर एएसपी मुकेश सोनी से बात करवाई। इसी से घूस के 2 करोड़ रुपए मांगने की पुष्टि हुई। दलाल ने राडाजी चौराहे से निरंजन को लेकर रानी रोड पहुंचा। वहां दोनों एएसपी की कार में बैठ गए। वहां एएसपी ने 2 करोड़ की मांग की। गत 25 सितंबर को दलाल ने उन्हें घर बुलाया और घूस राशि की व्यवस्था करने को कहा। दलाल ने कहा कि एएसपी क्या मदद करेंगे, यह फोन पर बात करवा दूंगा। फिर दलाल ने 26 सितंबर को ही घूस देना जरूरी बताया। इसी दिन रात को एसीबी ने निरंजन के बेटे की फैक्ट्री से दलाल को 8 करोड़ की घूस लेते गिरफ्तार किया था।