भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को बांसवाड़ा के बागीदौरा तहसील ऑफिस में वरिष्ठ सहायक(UDC) और दो निजी दलालों को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपी ने मॉर्गेज रजिस्ट्री की एवज में रिश्वत मांगी थी। एसीबी बांसवाड़ा के डीएसपी रतन सिंह राजपुरोहित ने बताया- एक परिवादी ने इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है, जिसके माध्यम से ग्राहकों को गृह ऋण उपलब्ध कराया जाता है। होम लोन स्वीकृत होने से पहले संबंधित आवेदक की रजिस्ट्री को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से रजिस्टर्ड मॉर्गेज (बंधक) करवाना जरूरी होता है। परिवादी ने शिकायत में बताया कि बागीदौरा तहसील ऑफिस में पदस्थ वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी दो रजिस्ट्री पत्रावलियों पर मार्गेज की प्रक्रिया पूरी करने और फाइलें उपलब्ध कराने की एवज में रिश्वत मांग रहा है। परिवादी ने 6 अगस्त को संबंधित दस्तावेज कार्यालय में जमा करवाए थे। 5 हजार मांगे, 4 हजार में सौदा तय एसीबी ने शिकायत का 21 अगस्त को सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी ने दोनों पत्रावलियों के लिए प्रति पत्रावली 2,500 रुपए के हिसाब से कुल 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद दोनों पत्रावलियों पर 500-500 रुपए कम करते हुए रिश्वत की रकम 4 हजार रुपए में तय हुई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। वरिष्ठ सहायक ने दलाल को दिलवाई रिश्वत सोमवार को एसीबी बांसवाड़ा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। एसीबी के अनुसार वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी ने परिवादी से रिश्वत की 4 हजार रुपए की राशि अपने परिचित एवं निजी दलाल रतनसिंह को दिलवाई। इसके बाद रतनसिंह ने यह रकम दूसरे दलाल विठ्ठल को सौंप दी। रिश्वत की राशि के लेन-देन की पुष्टि होते ही एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए रकम बरामद कर ली। इसके बाद वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी सहित दोनों निजी दलालों रतनसिंह और विठ्ठल को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के घर पर भी तलाशी कार्रवाई एसीबी उदयपुर रेंज के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में और एसीबी बांसवाड़ा के डीएसपी रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में की गई। एसीबी की टीम वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी के निवास की भी तलाशी ले रही है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।