बांसवाड़ा नगर परिषद की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। वार्ड नंबर 47 से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर तीसरी बार पार्षद बने महेश चंद्र तेली ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। महेश तेली वर्तमान में भाजपा के जिलामंत्री भी थे। गुरुवार दोपहर उन्होंने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली। नगर परिषद चुनाव के दौरान 60 वार्डों के प्रत्याशियों की ओर से दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार महेश चंद्र तेली सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार थे। उन्होंने अपनी संपत्ति करीब 17 करोड़ रुपए से अधिक बताई थी। वहीं इस चुनाव में उन्होंने सबसे अधिक वोटों से जीत भी दर्ज की थी। तीसरी बार पार्षद बने महेश तेली इससे पहले एक बार भाजपा और एक बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पार्षद रह चुके हैं। इस बार उन्होंने भाजपा के टिकट पर वार्ड 47 से जीत दर्ज की और तीसरी बार पार्षद निर्वाचित हुए। उपसभापति पद को लेकर चर्चा के बाद बदला पाला बताया जा रहा है कि महेश तेली नगर परिषद में उपसभापति पद की दौड़ में शामिल थे। पार्टी की ओर से उपसभापति पद के लिए मौका नहीं मिलने के बाद उनके पाला बदलने की चर्चा शुरू हुई थी। अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद नगर परिषद की राजनीति में नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया ने साफा पहनाकर महेश तेली का स्वागत किया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद महेश तेली ने कहा कि आने वाले दिनों में एक-दो पार्षद और भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। भाजपा के 34, कांग्रेस के 22 पार्षद जीते थे बांसवाड़ा नगर परिषद में भाजपा के 34, कांग्रेस के 22 और चार निर्दलीय पार्षद चुने गए थे। सभापति पद के चुनाव में भाजपा के मुकेश रावत को 37 और कांग्रेस को 23 वोट मिले थे। इसके बाद भाजपा के चंकी शाह उपसभापति निर्वाचित हुए। अब महेश तेली के कांग्रेस में शामिल होने के बाद नगर परिषद के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी हुई है।