बांसवाड़ा में नगर परिषद द्वारा आयोजित होने वाले दशहरा मेले की टेंडर प्रक्रिया मंगलवार को भारी हंगामे और विरोध के बाद आखिरकार बुधवार दोपहर करीब 3 बजे पूरी हो गई। वंदे मातरम एम्यूजमेंट (सूरत) की फर्म को 71 लाख 11 हजार रुपए में मेले का टेंडर मिल गया है। 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होने जा रहे हैं, ऐसे में समय कम होने के कारण अब ठेकेदार के सामने कम दिनों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती होगी। ​टेंडर प्रक्रिया में ​9 आवेदन और 6 निरस्त मेले के टेंडर के लिए कुल 9 फर्मों ने आवेदन किए थे। शुरुआती जांच में नगर परिषद प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए 6 ठेकेदारों के आवेदन निरस्त कर दिए, जिससे मैदान में केवल 3 फर्में ही बाकी थी। ​अपात्र ठेकेदारों का हंगामा टेंडर प्रक्रिया के दौरान अपात्र घोषित किए गए 6 ठेकेदारों ने धांधली और पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया। विरोध इतना बढ़ा कि उन्होंने चल रही बोली को जबरन रोक दिया और परिसर से ठेकेदारों को बाहर निकाल दिया। नगर परिषद आयुक्त, सभापति और कई कर्मचारी मौके पर मौजूद होने के बावजूद स्थिति को संभाल नहीं सके। मंगलवार रात 1 बजे तक चली खींचतान के बाद बुधवार दोपहर यह प्रक्रिया पूरी हो सकी। ​सभापति का बयान ​नगर परिषद सभापति मुकेश रावत ने बताया- शुरुआती विरोध और हंगामे के बाद बुधवार दोपहर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 71 लाख 11 हजार रुपए में वंदे मातरम एम्यूजमेंट को मेला टेंडर दिया गया है।