किसानों की समस्याओं को लेकर बारां में अनशन पर बैठे नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ गई। अनशन के 9वें दिन नरेश मीणा का शुगर लेवल गिर गया और उनको उल्टियां होने लगी। नरेश मीणा की हालत ज्यादा खराब होने पर प्रशासन ने उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हॉस्पिटल में भी नरेश मीणा का अनशन जारी है। डॉक्टरों ने उनको ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा है। किसानों को बिना टैगिंग DAP और यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग को पिछले 9 दिनों से नरेश मीणा आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अनशन तोड़ने से किया इनकार नरेश मीणा की तबीयत में शनिवार सुबह से ही गिरावट देखी गई। शुगर लेवल कम होने से उन्हें उल्टियां हुईं। सूचना मिलते ही ADM रामावतार मीणा, SDM सहित प्रशासनिक अमला और मेडिकल टीम अनशन स्थल पर पहुंची और उनकी जांच की। अधिकारियों ने नरेश मीणा से अनशन खत्म करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद एहतियातन उन्हें एम्बुलेंस से बारां जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में भी उन्होंने अनशन जारी रखने की बात कही। लगातार अनशन से नरेशन मीणा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। परिजन और ग्रामीण अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन नरेश मीणा 8 सूत्रीय मांगों पर अड़े हैं। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। डॉक्टर बोले- ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है बारां अस्पताल में डॉक्टर हंसराज सुमन और डॉ. सतीश अग्रवाल की निगरानी में नरेश मीणा का इलाज जारी है। डॉक्टर ने बताया- नरेश मीणा का शुगर लेवल 67 mg/dL हो गया है। उनका ब्लड प्रेशर (BP) भी 100/66 mmHg हो गया है। इस कारण उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टर ने बताया- वर्तमान में उन्हें ग्लूकोज मॉनिटरिंग पर रखा गया है और सभी वाइटल्स पर हमारी टीम लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। डॉक्टर ने बताया- सामान्यतः फास्टिंग शुगर 80 से 100 के बीच होनी चाहिए। 70 से नीचे आने पर मरीज को कमजोरी, घबराहट, पसीना और चक्कर जैसे लक्षण आते हैं। अगर शुगर लेवल 50 से नीचे चला जाए तो जान को खतरे की स्थिति बन सकती है। पैतृक गांव में 2 अक्टूबर से शुरू किया था अनशन बता दें कि नरेश मीणा ने 2 अक्टूबर को किसानों की मांगों को लेकर बारां जिले में स्थित पैतृक गांव नयागांव में अनशन शुरू किया था। उनकी मांगों में डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता, सही कीमत पर बिक्री, खाद के साथ अन्य सामान की टैगिंग बंद करना और बिजली-सिंचाई का समाधान शामिल है। प्रशासन से बात नहीं बनने पर 3 अक्टूबर को उन्होंने समर्थकों के साथ जयपुर के लिए कूच किया था। 7 अक्टूबर को पुलिस ने जयपुर से करीब 30 किलोमीटर पहले शिवदासपुरा टोल पर उनको रोक लिया था। यहां अधिकारियों से बातचीत में मांगों पर सहमति बन गई थी और वे समर्थकों के साथ गांव लौट गए थे, लेकिन अनशन जारी रखा। ये खबरें भी पढ़ें नरेश मीणा ने बताया अपना पॉलिटिक्स प्लान:बोले- बीजेपी में नहीं जाऊंगा, रविंद्र भाटी साथी; जानें- तीसरे मोर्चे को लेकर क्या तैयारी है? नरेश मीणा का जयपुर कूच, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका:मांगों पर सहमति के बाद आंदोलन वापस लिया, समर्थकों के साथ लौटे; ढाई घंटे बाद जाम खुला किसानों की समस्या को लेकर नरेश मीणा का जयपुर कूच:जयपुर में शहीद स्मारक पर धरने की घोषणा,सभी किसानों को खाद मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा