बारां जिले की 6 नगर निकायों के चुनाव परिणाम आ गए हैं। इन नतीजों ने सभी सियासी समीकरण बदल दिए हैं। कुल 210 वार्डों में हुए चुनाव में जनता ने मिला-जुला जनादेश दिया है। सबसे बड़ा उलटफेर बारां नगरपरिषद में हुआ, जहां आम आदमी पार्टी (आप) ने पहली बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। अब सबकी नजरें सोमवार को होने वाले सभापति और चेयरमैन के चुनाव पर टिकी हैं। मांगरोल और अटरू में दोनों राष्ट्रीय दलों ने अपनी पकड़ बनाए रखी है। मांगरोल नगरपालिका के 35 वार्डों में भाजपा ने दबदबा कायम रखा। भाजपा को 19 वार्डों में जीत मिली और पूर्ण बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 10 और निर्दलीयों को 6 वार्डों पर जीत मिली है। अटरू नगरपालिका के 25 वार्डों में कांग्रेस ने वापसी की। कांग्रेस को 14 वार्डों में स्पष्ट बहुमत मिला, जबकि भाजपा को 10 और निर्दलीय को 1 वार्ड में जीत मिली। इन दोनों पालिकाओं में चेयरमैन की स्थिति लगभग साफ है। छबड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों में कांटे की टक्कर देखने को मिली। भाजपा और कांग्रेस दोनों को 14-14 वार्ड मिले हैं। वहीं, 7 वार्डों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया। यहां चेयरमैन के लिए निर्दलीयों का समर्थन जरूरी होगा। अंता नगरपालिका के 35 वार्डों में भी ऐसी ही स्थिति है। भाजपा को 16 और कांग्रेस को 16 वार्ड मिले हैं। 3 निर्दलीय पार्षद यहां निर्णायक भूमिका में हैं। सीसवाली नगरपालिका के 20 वार्डों में कांग्रेस 9 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा को 6 और निर्दलीयों को 5 वार्डों में जीत मिली। यहां भी किसी को बहुमत नहीं मिला है। बारां, मांगरोल और अटरू में स्थिति साफ है, लेकिन छबड़ा, अंता और सीसवाली में चेयरमैन कौन बनेगा, यह निर्दलीय तय करेंगे। इन तीनों पालिकाओं में देर रात तक सियासी जोड़-तोड़ तेज रहने वाली है।