बारां के समरानियां में जलझूलनी एकादशी के मौके पर पर्यावरण बचाने का एक खास संदेश दिया गया। यहां 7 पीपल के पौधे लगाए गए। यह काम 'वृक्षारोपण ही सच्ची सेवा और उपासना है' के नारे के साथ पूरा किया गया। इस मौके पर पीपल के पेड़ का महत्व भी बताया गया। कहा गया कि पीपल का पेड़ हमारी संस्कृति और धर्म का प्रतीक तो है ही, साथ ही यह लगातार ऑक्सीजन देकर पर्यावरण को भी संतुलित रखता है। एकादशी जैसे शुभ त्योहार पर प्रकृति की सेवा करके भगवान की पूजा को और भी खास बनाया गया। कार्यक्रम में समाज और परिवार के लोगों को यह संदेश दिया गया कि हर शुभ मौके, त्योहार या घर के किसी भी अच्छे काम पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। इससे हमारी धरती हरी-भरी रहेगी और जीवन भी सुरक्षित रहेगा। आखिर में सभी को जलझूलनी एकादशी की शुभकामनाएं दी गईं। समाज से अपील की गई कि वे ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाएं।