बारां में आस्था राजीविका सर्वांगीण विकास सहकारी समिति बामला और सूरज सीएलएफ बारां में कथित भ्रष्टाचार और मनमानी को लेकर ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इकलेरा निवासी पार्वती मेरोठा और बैंगना निवासी सुनीता मीणा समेत कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि दोनों सीएलएफ की मैनेजर और कर्मचारी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। वे महिलाओं और कैडरों को मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं। विरोध करने पर धमकाने का भी आरोप ज्ञापन में बताया गया कि आस्था सीएलएफ बामला के खाते से पैसे निकालकर घूमने और निजी खर्चों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ग्राम संगठन इकलेरा में चेक काटने के लिए महिलाओं से 500-500 रुपए लिए गए। विरोध करने पर चेक नहीं काटने और धमकाने का भी आरोप है। महिलाओं का कहना है कि मैनेजर की मनमानी के कारण लखपति सीआरपी और लोकेश कैडर को इस्तीफा देना पड़ा। पीड़ित महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी।