रेगिस्तान बाड़मेर में इस बार पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। अब मानसून अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है, लेकिन इस बार बादलों ने बाड़मेर को उम्मीद के मुताबिक नहीं भिगोया। अगस्त माह पूरा होने वाला है। लेकिन बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। इस माह में 100-150 एमएम बारिश होती है। लेकिन इस माह अब तक 54 एमएम बारिश ही हुई है। बाड़मेर जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 387 एमएम है। इस सीजन अब तक 202 एमएम बारिश दर्ज हुई है। दरअसल, कम बारिश के कारण जिले के ग्रामीण इलाकों में चिंता की लकीरें गहरी हो गई है। खेतों में खड़ फसलों पर पानी की कमी का सीधा असर पड़ रहा है, यही जिले के परंपरागत जलस्त्रोत तालाब और नाडियां भी पानी के लिए तरस रहे है। कई स्थानों पर नाडियों में पर्याप्त पानी जमा ही नही हो सकता है, इससे आने वाले महीनों में पानी और पशुओं के लिए पानी का संकट खड़ा हो सकता है। गुरुवार को सुबह से आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही हो रही है। वहीं रुक-रुक हवाएं चल रही है। इससे लोगों को उमस से राहत मिली है। बुधवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 36.8 और न्यूतनत तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया है। सितंबर में मानसून की विदाई मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के अंत तक प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू हो जाती है। ऐसे में जिले के पास अब केवल सितंबर का महीना ही बचा है। यदि सितंबर में मानसून की मेहरबानी नहीं हुई, तो जिले को जलसंकट और खेती के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल किसान और आम जनता आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे है। बारिश की वजह से फसलें दम तोड़ रही है। मानसून की शुरूआत ही कमजोर रही है। जून में महज 26 एमएम ही बारिश हुई थी। इसके बाद 20 जुलाई के बाद मानसून आया। तब 142 एमएम तक बारिश हुई। इससे किसानों ने बंपर बुवाई की थी। अब अगस्त के करीब 27 दिन बीते रहे है। अब तक महज 54 एमएम बारिया ही हुई है। इस औसत बारिश का आंकड़ा 387 एमएम है। ऐसे में पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसलों को संकट मंडराने लगा है।