बाड़मेर कृषि उपज मंडी परिसर में रात करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक आयशर गाड़ी और एक टैंपो जलकर राख हो गए। होमगार्ड जवान की सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा दी गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। गश्त के दौरान होमगार्ड जवान ने देखा धुआं होमगार्ड जवान चुतरसिंह ने बताया - उनकी ड्यूटी मंडी परिसर में गश्त की थी। गश्त के दौरान रात में सब्जी मंडी में खड़ी एक गाड़ी से धुआं उठता दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत पुलिस और दमकल को फोन किया। मौके के पास खड़ी दो-तीन अन्य गाड़ियों को भी हटवाया गया। इसके बाद पुलिस और दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 12:30 बजे आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। कैरेट में लगी आग, पास खड़ा टैंपो भी चपेट में आया मंडी परिसर में सब्जी व्यापारी की आयशर गाड़ी और एक अन्य टैंपो खाली प्लास्टिक कैरेट से भरे खड़े थे। आग लगने से प्लास्टिक के कैरेट जलने लगे। कैरेट के कारण आग तेजी से फैल गई और पास में खड़ा टैंपो भी इसकी चपेट में आ गया। आग में दोनों वाहन पूरी तरह जल गए और कबाड़ में बदल गए। मौके पर पहुंची दमकल की दोनों गाड़ियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। दो माह पहले भी मंडी परिसर में लगी थी आग कृषि उपज मंडी और सब्जी मंडी एक ही परिसर में हैं। इसके बावजूद मंडी के पास अपना फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है। इसके अलावा मंडी प्रशासन की ओर से नियमित सफाई भी नहीं कराई जाती है। इसके कारण पहले भी छोटी चिंगारी ने विकराल रूप लिया है। सालों पहले तेल की दुकानों में आग लगी थी और करीब दो माह पहले कचरे में आग लगने से वह फैल गई थी। उस समय भी लोगों की सतर्कता से आग पर काबू पाया गया था।