बाड़मेर नगर परिषद चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी। 9 सितंबर को हुई वोटिंग के बाद 55 वार्डों के 179 प्रत्याशियों का भाग्य EVM में बंद है और भाजपा-कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर दी है। स्पष्ट बहुमत की तस्वीर सामने नहीं आने से दोनों दल संभावित विजेता निर्दलीयों पर नजर रख रहे हैं। बोर्ड बनाने के लिए 55 सदस्यीय परिषद में 28 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। बाड़मेर में नगर निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी। वोटिंग होने के साथ ही भाजपा-कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी कर दी है। बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों के 179 प्रत्याशियों का भाग्य EVM में बंद हो गया है। राजनीतिक दल अब परिणाम से पहले बोर्ड बनाने की कवायद में जुट गए हैं। 9 सितंबर को हुई वोटिंग को लेकर भाजपा-कांग्रेस दोनों खेमों में आंकड़ों और संभावित विजेताओं को लेकर मंथन चल रहा है। स्पष्ट बहुमत की तस्वीर सामने नहीं आने से दोनों दलों की नजर अब उन निर्दलीयों पर है, जो परिणाम आने के बाद सत्ता के समीकरण बदल सकते हैं। रिजल्ट के लिए आएंगे वापस, जीते तो बाड़ेबंदी प्रत्याशियों को अब भी 3 दिन के लिए बाड़ेबंदी में रहना होगा। 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इस दिन प्रत्याशियों को बाड़मेर लाया जाएगा। जीतने वाले प्रत्याशियों को पार्षद चुने जाने का प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। इस दौरान हारे हुए प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी से मुक्त कर दिया जाएगा। पीजी कॉलेज में मतगणना बाड़मेर नगर परिषद और चौहटन नगर पालिका दोनों की मतगणना एक ही जगह होगी। इसके लिए पीजी कॉलेज में चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाड़मेर शहर के मतदान केंद्रों से EVM को स्ट्रांग रूम में रखवाया गया है। स्ट्रांग रूम में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। सभापति के लिए 28 पार्षद जरूरी बाड़मेर में 55 सदस्यीय नगर परिषद में सभापति बनाने के लिए 28 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा या कांग्रेस में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षद सत्ता की चाबी बन सकते हैं। ऐसे में संभावित जीत वाले निर्दलीयों की राजनीतिक पूछ अचानक बढ़ गई है। सभापति दावेदारों की हलचल तेज नगर परिषद सभापति का पद सामान्य है। 14 सितंबर को होने वाली मतगणना के साथ ही न केवल 55 वार्डों के परिणाम सामने आएंगे, बल्कि यह भी साफ होगा कि नगर परिषद की सत्ता किस खेमे के साथ जाएगी। परिणाम से पहले ही संभावित सभापति दावेदारों और राजनीतिक खेमों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस में दोनों खेमों की अलग-अलग रणनीति कांग्रेस में पूर्व विधायक मेवाराम जेन गुट ने 12 कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ एक निर्दलीय को भी अपने साथ रखा है। इन्हें जोधपुर के रिसोर्ट में ठहराया गया है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदरा के नेतृत्व में करीब 35 से अधिक प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की गई है। इन्हें जैसलमेर की तरफ ले जाया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि सुरक्षित ठिकाना बनाए रखने के लिए स्थान भी बदले जा रहे हैं। जिला कांग्रेस चुनाव कमेटी के चैयरमैन मांगीलाल वडेरा ने बाड़ेबंदी में कांग्रेस प्रत्याशियों को संबोधित किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदरा ने भी एकजुट होकर कांग्रेस का बोर्ड बनाने का मंत्र दिया। माउंट आबू में भाजपा प्रत्याशी भाजपा ने 55 प्रत्याशियों के अलावा पांच निर्दलीयों समेत करीब 60 प्रत्याशियों को माउंट आबू पहुंचाया है। सभी को एक रिसोर्ट में ठहराया गया है। पार्टी संभावित परिणामों के आधार पर बोर्ड गठन के लिए बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है।