भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। ये दोनों मेडल R2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की SH1 कैटेगरी में आए। इसमें कमर से नीचे की दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में इस इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। आखिरी शॉट तक चला गोल्ड मेडल मैच जयपुर की दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना 0.1 अंक की बढ़त पर थीं। उस समय स्कोर 239.1 और 239.2 था। मोना ने आखिरी शॉट में 10.8 अंक हासिल किए। अवनी ने 10.5 अंक बनाए। मोना ने 250.0 अंक और अवनी ने 249.6 अंक हासिल किए। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। अवनी के सिल्वर मेडल से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक्स के लिए दूसरा कोटा स्थान मिला। मोना ने पिछले महीने साउथ कोरिया में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर पहला कोटा दिलाया था। मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए। पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई। राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्‌डी में चोट लगी 2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं। -------------------------------------------- पैरा एशियाड से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया, पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर