मानसून विदाई से पहले बाड़मेर शहर समेत गांवों में बारिश हुई है। बाड़मेर शहर में शुक्रवार रात 9 बजे तक 17 एमएम बारिश दर्ज की गई। लेकिन बॉर्डर के गांवों में बारिश नहीं होने से किसान मायूस है। शनिवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आज और कल भी बारिश की संभावना जताई है। दरअसल, सावन के बाद आधा भादो सूखा बीतने के बाद शुक्रवार को दोपहर के समय बादल छाए, शाम को अचानक मौसम बदला और तेज बौछारों के साथ शाम 7 बजे हल्की बारिश शुरू हुई। लेकिन 8 बजे शहर में करीब 15 मिनट तक बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा। बाड़मेर, गडरारोड, धनाऊ समेत कई इलाकों में बारिश हुई। इंतजार के बाद बारिश से मुरझा रही खरीफ फसलों को कुछ जीवनदान मिला। वहीं दिन के पारे में गिरावट से गर्मी से राहत मिली। शहर में 17 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए। इस वजह से धूप नहीं निकली। वहीं मौसम सुहाना बना हुआ है। लेकिन उमस होने से पसीने छूटा रही है। हवा भी थम चुकी है। कई जगहों पर गिरे बिजली के पोल शुक्रवार देर शाम को तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश शुरू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में लाइट के पोल गिर गए। कुड़ला से नोखड़ा जाने वाली रोड पर कई लाइट के पोल गिर गए। वहीं तार सड़क पर गिर गई। गनीमत यह रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। अब तक 208 एमएम बारिश शहर में इस मानसून सीजन में औसतन 384 एमएम बारिश की आवश्यकता होती है, जिसके मुकाबले अब तक केवल 54 प्रतिशत कोटा ही पूरा हो पाया है। इस वर्ष अब तक कुल 208 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यानि औसत के मुकाबले 46 फीसदी कम बारिश हुई है। इस स्थिति में अधिकांश इलाके सूखे की चपेट में है। दो दिन बारिश का अलर्टट मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार क्षेत्र में बने मानसूनी सिस्टम और वायुमंडलीय दबाव के कारण अगले 24 से 48 घंटों में बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है।